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जब कानून कागज़ पर रहे और सड़क पर खून बहे
लुप्त हुए ट्रंक और कनस्तर: जब घरों में यादें ताला लगाकर रखी जाती थीं
यमुना को चाहिए, जीने का हक!!  दस नई टाउनशिप्स का नाम नदियों पर रखने से यमुना नहीं बचेगी
टूटते स्कूल, उड़ते सपने: क्या ऐसे बनेगा भारत विश्व गुरु?
कब थमेगी पश्चिम एशिया की जंग? और युद्ध के बाद कैसा दिखेगा नया मिडिल ईस्ट?
महिला दिवस किसके लिए? सास भी कभी बहू थी… या बहू भी कभी सास बनेगी? टूटती हदें: जब सास-बहू का झगड़ा जानलेवा हो जाए
Why not?.... क्या भारत को 16 साल से कम उम्र वालों के लिए सोशल मीडिया बैन कर देना चाहिए? या अभी और शव यात्राओं का इंतजार करें?
यमुना मैय्या की कराह: ब्रज मंडल का टूटता पर्यावरण
अगर इलाज नहीं करना था, तो बीमारी क्यों थमा दी? || क्या बदला है भारत में? सिर्फ आंकड़े
गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी घोषित करना समय की आवश्यकता, समिति ने उठाई आवाज
दुनिया नए शीत युद्ध की ओर? अमेरिका के बदले तेवर से रूस और चीन पर रणनीति बदलने का दबाव
अमेरिका की विरासत: इंसानियत को पैगाम, सामर्थ्यवान को कोई दोष नहीं
नए भारत की आहट! कस्बाई काउंटर से देश के पटल तक: एक छोटी दुकान तक कैसे पहुँची बदलाव की हवा
क्यों ज़्यादा भारतीय —ख़ासकर मर्द— कर रहे हैं ख़ुदकुशी, कैसे शादी बन गई है एक ख़ामोश वजह?
वह मुस्कुराई। उसने भुगतान किया। और फिर उसने ‘रेप’ का मुकदमा दर्ज करा दिया || अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस 2025: भारत के मर्दों की अनसुनी चीख !!
रिश्तों की रोशनी: दिवाली का असली अर्थ