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जेन जी !! ये क्या बवाल है? भारत को सोशल मीडिया के चश्मे से मत देखिए
एक शिक्षक का जाना...
लखनऊ अग्निकांड: नियमों की कमी नहीं, अनुपालन की विफलता से सीख लेने का समय
जेन ज़ी (Gen Z) को अच्छे तौर-तरीके कौन सिखाएगा?
गर्मियों की छुट्टी का मजा, रोमांच हुआ गायब!
धार्मिक स्थलों को उन्मादी भीड़ से बचाओ, तीर्थ स्थान या थीम पार्क? रीलबाज़ों, सेल्फीबाज़ों और धार्मिक पर्यटन की भीड़ ने पवित्र स्थलों का क्या हाल कर दिया है?
यमुना नदी में सीवेज, मलबा, इंडस्ट्रियल वेस्ट, लाशें बह रही हैं और सरकारी तंत्र मूकदर्शक बना खड़ा है
न पत्थर का बनेगा, न रबर का बनेगा; वायदों से बना है, हवाई बांध बनेगा
जब कानून कागज़ पर रहे और सड़क पर खून बहे
लुप्त हुए ट्रंक और कनस्तर: जब घरों में यादें ताला लगाकर रखी जाती थीं
यमुना को चाहिए, जीने का हक!!  दस नई टाउनशिप्स का नाम नदियों पर रखने से यमुना नहीं बचेगी
टूटते स्कूल, उड़ते सपने: क्या ऐसे बनेगा भारत विश्व गुरु?
कब थमेगी पश्चिम एशिया की जंग? और युद्ध के बाद कैसा दिखेगा नया मिडिल ईस्ट?
महिला दिवस किसके लिए? सास भी कभी बहू थी… या बहू भी कभी सास बनेगी? टूटती हदें: जब सास-बहू का झगड़ा जानलेवा हो जाए
Why not?.... क्या भारत को 16 साल से कम उम्र वालों के लिए सोशल मीडिया बैन कर देना चाहिए? या अभी और शव यात्राओं का इंतजार करें?
यमुना मैय्या की कराह: ब्रज मंडल का टूटता पर्यावरण