न्यायालय के आदेश पर जलकल विभाग के ठेकेदार समेत पांच पर FIR, करोड़ों की हेराफेरी और फर्जी दस्तावेजों का आरोप
आगरा, 07 अक्टूबर। जलकल विभाग में कथित भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। न्यायालय के आदेश पर छत्ता थाने में ठेकेदार रवि लवानिया समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
जलकल विभाग, नगर निगम के पंप हाउस अधीक्षक सुमित पचौरी की शिकायत पर दर्ज FIR में सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर, फर्जी दस्तावेज बनवाने के लिए दबाव और धमकी देने के गंभीर आरोप हैं। नामजद आरोपी हैं - रवि लवानिया, मनीष कुमार उर्फ मंशा, आसिफ, सचिन वशिष्ठ और अतुल शर्मा।
मई 2026 में हस्ताक्षर के लिए बनाया दबाव
शिकायत के मुताबिक मई 2026 में सरकारी अभिलेखों में गलत प्रविष्टियां की गईं और उन पर सुमित पचौरी से हस्ताक्षर कराने का दबाव बनाया गया।
नियम विरुद्ध होने पर उन्होंने इनकार कर दिया तो नौकरी से हटाने और फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी दी गई। आरोप है कि व्हाट्सएप पर फोटो और धमकी भरे मैसेज भी भेजे गए।
करोड़ों की हेराफेरी का आरोप
शिकायतकर्ता ने करोड़ों रुपये की कथित हेराफेरी और फर्जी प्रमाणपत्र तैयार करने का भी आरोप लगाया है। FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस सरकारी दस्तावेजों, व्हाट्सएप चैट और लेन-देन से जुड़े साक्ष्यों की पड़ताल करेगी।
इस मामले ने जलकल विभाग की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
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