यमुना में अब नहीं जाएगा एक भी अशोधित नाला: आगरा में 90 नालों की टैपिंग और नए STP से स्वच्छता को गति

आगरा, 07 अक्टूबर। यमुना को निर्मल बनाने के लिए जिले में सरकार और प्रशासन ने कमर कस ली है। अब शहर का कोई भी अशोधित सीवरेज सीधे यमुना में नहीं जाने दिया जाएगा। नालों की टैपिंग और एसटीपी के जरिए शोधन की व्यवस्था को तेजी से मजबूत किया जा रहा है। यह दावा जिला प्रशासन की विज्ञप्ति में किया गया है।
एडीएम नमामि गंगे जुबेर बेग ने बताया कि शहर में कुल 90 नाले हैं, जिनका कुल डिस्चार्ज 286 MLD है। इनमें से 24 नाले पूर्णतः और 5 नाले आंशिक रूप से टैप किए जा चुके हैं। इनका शोधन पहले से बने नौ STP (कुल क्षमता 220 MLD) के माध्यम से हो रहा है।
नमामि गंगे के तहत तीन बड़े STP और 10 DSTP का काम चल रहा है -
- 31 MLD जगनपुर STP: 19 नवंबर 2025 से संचालन शुरू
- 35 MLD पीलाखार STP: 15 नवंबर 2025 से संचालन शुरू
- 100 MLD धांधूपुरा STP: 31 अगस्त 2026 से ट्रायल शुरू
दस DSTP के जरिए 23 नालों को टैप किया जाएगा। इन सभी कार्यों को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। शेष 38 अनटैप्ड और 5 आंशिक टैप नालों की पूर्ण टैपिंग के लिए यूपी जल निगम (नगरीय) का प्रस्ताव राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन ने 21 मई 2025 को मंजूर कर दिया है। टेंडर के बाद निर्माण कार्य प्रगति पर है और इसे नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
एडीएम ने कहा कि इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने पर आगरा नगर निगम का एक भी नाला बिना शोधन के यमुना में नहीं गिरेगा, जिससे नदी की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बड़ी मजबूती मिलेगी।
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