बिना स्पीड गवर्नर नहीं बिकेंगे परिवहन वाहन!

आगरा, 20 सितंबर। नए परिवहन वाहनों की बिक्री और पंजीकरण बिना स्पीड गवर्नर के नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, राज्यों को आदेश दिया कि बिक्री, पंजीकरण और फिटनेस जांच पर इसकी पुष्टि की जाए। वाहन ट्रैकिंग पर भी समयबद्ध अनुपालन रिपोर्ट मांगी गई।
यह दावा अधिवक्ता के सी जैन द्वारा जारी विज्ञप्ति में किया गया है। विज्ञप्ति में कहा गया कि न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने विगत 15 सितंबर को रिट याचिका 295/2012 में यह आदेश दिया। सड़क सुरक्षा कार्यकर्ता अधिवक्ता के.सी. जैन ने स्वयं याचिकाएं दायर कर सुझाव रखे, जो आदेश में दर्ज हैं।
विज्ञप्ति के अनुसार, कोर्ट ने कहा कि नियम 118 के तहत आने वाले वाहनों में स्पीड लिमिटिंग डिवाइस या फंक्शन होना जरूरी है। बिना इसके बेचने पर निर्माता-विक्रेता पर कार्रवाई होगी। आरटीओ पंजीकरण से पहले गवर्नर की पुष्टि करेंगे। पुराने वाहनों पर पालन के लिए राज्यों को शपथपत्र देना होगा। फिटनेस जांच पर ऑटोमेटेड केंद्रों पर भी जांच होगी। वाहन ट्रैकिंग के लिए मंत्रालय को निर्माताओं से बातचीत की रिपोर्ट और राज्यों को नियम 125H पर अनुपालन रिपोर्ट देनी होगी।
जैन ने सुझाव दिया कि पात्र वाहनों के आंकड़े जिलावार हर माह वाहन पोर्टल पर सार्वजनिक हों और जिला सड़क सुरक्षा समितियां समीक्षा करें। 
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड को शीघ्र सक्रिय करने, वेबसाइट और नागरिकों के लिए शिकायत डैशबोर्ड बनाने का भी निर्देश दिया गया। अगली सुनवाई 25 नवंबर को होगी।
__________________________________

ख़बर शेयर करें :

Post a Comment

0 Comments