फर्जी मेडिकल से फंसाने का आरोप, हॉस्पिटल के डॉक्टरों सहित पांच पर मुकदमा
आगरा, 10 सितम्बर। थाना एत्माद्दौला के अंतर्गत ट्रांस यमुना ए-ब्लॉक स्थित जेडी हॉस्पिटल एंड मैटरनिटी के डॉ. एसके सिंह, डॉ. आलोक गुप्ता और संचालक सहित पांच के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अछनेरा के कुकथला निवासी अधिवक्ता संतोष बाबू की कोर्ट में दी गई अर्जी पर यह कार्रवाई हुई है। आरोप है कि उन्हें फंसाने के लिए फर्जी मेडिकल तैयार किया गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार 28 अक्टूबर, 2021 को अनिल कुमार ने अछनेरा थाने में मारपीट की एनसीआर दर्ज कराई, बाद में एफआईआर हुई। विवेचक ने धारा 325 हटाकर 308 जोड़ते हुए चार्जशीट दाखिल कर दी। मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
अधिवक्ता का कहना है कि अनिल ने घटना सुबह 9:45 बजे की बताई, लेकिन 7 घंटे बाद जेडी हॉस्पिटल में भर्ती दिखाया और 8 नवंबर तक इलाज दर्शाया। 30 मई, 2023 को जमानत विरोध के दौरान कोर्ट में मेडिकल दस्तावेज पेश किए, जो विवेचना में शामिल नहीं थे। दस्तावेज में 11 दिन भर्ती और सात दिन आईसीयू बताया गया।
जबकि अनिल ने 29 अक्टूबर को जिला अस्पताल में एक्स-रे और पांच दिन बाद सीटी स्कैन कराया था। डीएम की शिकायत पर एसएन मेडिकल कॉलेज की टीम से दोबारा मेडिकल में फ्रैक्चर या खून का थक्का नहीं मिला, रिपोर्ट सामान्य आई।
अधिवक्ता ने आरटीआई से जेडी हॉस्पिटल से जानकारी मांगी, लेकिन सूचना नहीं मिली। प्रथम और द्वितीय अपीलीय अधिकारियों को भी प्रार्थना पत्र दिए। आरोप है कि साजिश के तहत फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए।
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने मीडिया को बताया कि मामला फर्जी मेडिकल से फंसाने का है, साक्ष्य संकलन के आधार पर कार्रवाई होगी।
वहीं जेडी हॉस्पिटल के फिजिशियन डॉ. एसके सिंह ने कहा कि पारिवारिक झगड़े में घायल को उसका भाई दस्तावेजों के साथ लाया था, उसी आधार पर इलाज किया। सभी दस्तावेज उपलब्ध हैं और विवेचक के समक्ष पेश करेंगे।
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