प्रिल्यूड में 39 स्कूलों के बाल कवियों ने बांधा समां, कविता बनी संवेदना की आवाज

आगरा, 28 सितम्बर। हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार और विद्यार्थियों की सृजनात्मक प्रतिभा को मंच देने के उद्देश्य से प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल में रविवार को अंतर्विद्यालयी बाल कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न बोर्ड के 39 विद्यालयों के बाल कवियों ने स्वरचित कविताओं से मन मोह लिया।
बाल कवियों ने देशप्रेम, पर्यावरण संरक्षण, नारी सम्मान, बाल अधिकार, मानवीय संवेदना और समसामयिक विषयों पर अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। मुख्य अतिथि आर्ट ऑफ लिविंग के वरिष्ठ प्रशिक्षक एवं शासकीय कार्यक्रमों के राज्य निदेशक प्रदीप कुमार पाठक रहे। प्रधानाचार्या ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। समन्वयिका बबीता रानी ने प्रतियोगिता के नियम बताए। 
 
तीन वर्गों में काव्य पाठ हुआ। निर्णायक मंडल में प्रो. युवराज सिंह 'युवा', डॉ. अनिता सिंह, डॉ. नीलम यादव, श्रुति सिन्हा, डॉ. अरुण उपाध्याय, कुमार ललित, डॉ. निशीथ गौर, डॉ. शालिनी श्रीवास्तव और ईशान देव शामिल रहे।
प्रतिभागियों के स्वागत में अनिका यादव की नृत्य प्रस्तुति ने माहौल को उल्लास से भर दिया।
श्रेष्ठ बाल कवि सम्मानित
प्रत्येक वर्ग से पांच-पांच श्रेष्ठ बाल कवियों को स्मृति चिह्न और प्रमाण पत्र दिए गए।
_काव्य कली समूह:_ अन्वेषा शर्मा, भविषा, अंशिका दुबे, जाह्नवी भारद्वाज, आध्या शर्मा
_कवितांश समूह:_ तानिया बंसल, आर्य गोयल, आराध्या राठौर, हर्ष प्रताप यादव, अनिका शर्मा
_सृजन सरिता समूह:_ रुद्राक्षी चंद्रा, स्वाति सिंह, वैष्णवी शर्मा, प्रतीक्षा शर्मा, पल्लवी तिवारी
मुख्य अतिथि ने कहा कि उचित मंच मिलने पर प्रतिभा समाज और राष्ट्र के लिए योगदान दे सकती है। विद्यालय निदेशक डॉ. सुशील गुप्ता ने कहा कि हर बालक में सृजन की अनूठी क्षमता होती है। संचालन अनन्या वर्मा, नितान्या अरोड़ा और कैफ शम्सी ने किया।
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