तेज बहाव में नदी के बीचोंबीच डेढ़ सौ यात्रियों की जान पर बन आई! चम्बल में अचानक स्टीमर हो गया बंद, दस किमी तक बह गया पानी में
आगरा, 16 अगस्त। चंबल नदी में रविवार की सुबह मध्य प्रदेश के भिंड स्थित नगरा घाट से बाह के कैंजरा घाट की ओर आ रहा स्टीमर अचानक बंद हो गया। स्टीमर पर करीब डेढ़ सौ यात्री और 10-12 मोटरसाइकिलें सवार थीं। बीच नदी में स्टीमर बन्द होने से सभी लोगों की जान सांसत में आ गई। तेज बहाव के बीच स्टीमर रुक जाने से यात्रियों में चीख-पुकार की स्थिति बन गई।
खबरों के अनुसार, स्टीमर का डीजल खत्म हो गया था, हालांकि उसके इंजन में कपड़ा फंसने की बात भी सामने आ रही है। इंजन बंद होने के बाद चंबल नदी का तेज बहाव स्टीमर को अपने साथ बहाने लगा। चालक ने काफी प्रयास किया, लेकिन स्टीमर करीब 8 से 10 किलोमीटर तक नदी की धारा में बहता चला गया। स्टीमर के अचानक नियंत्रण से बाहर होकर बहने से उस पर सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। महिलाएं, बच्चे और अन्य यात्री घबराकर एक-दूसरे को संभालते नजर आए। स्टीमर पर बड़ी संख्या में मोटरसाइकिलें भी लदी थीं। यात्रियों में अधिकांश कांवड़िए बताए जा रहे हैं, जो चंबल नदी से कांवड़ लेकर बटेश्वर मंदिर में गंगाजल चढ़ाने के लिए आ रहे थे।
बताया जा रहा है कि इंजन बंद होने के बाद स्टीमर करीब दो से ढाई घंटे तक चंबल की तेज धार में बहता रहा। स्टीमर नगरा घाट से लगातार दूर होता चला गया। इंजन बंद होने की वजह को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आ रही है। कुछ लोगों के मुताबिक डीजल खत्म होने से इंजन बंद हुआ, जबकि कुछ लोग इंजन के पंप में खराबी को इसकी वजह बता रहे हैं।
बताया गया है कि स्टीमर बहते हुए मध्य प्रदेश क्षेत्र में गुढ़ा गांव के पास एक टीले से टकरा गया, जिससे उसकी रफ्तार थमी और वह रुक गया। चालक की सूझबूझ और मौके पर किए गए प्रयासों से स्थिति को संभाला गया। स्टीमर को सुरक्षित स्थान पर रोकने के बाद यात्रियों को किनारे उतार लिया गया। सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिए जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
यात्रियों से भरे स्टीमर का डीजल खत्म होना या तकनीकी खराबी के चलते इंजन बंद हो जाना गंभीर लापरवाही का संकेत माना जा रहा है। यदि स्टीमर किसी गहरे हिस्से में फंस जाता या नदी के तेज बहाव में पलट जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
आसपास के लोगों ने पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस द्वारा मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। सभी यात्रियों के सुरक्षित होने से प्रशासन और यात्रियों ने राहत की सांस ली। घटना के बाद स्टीमर संचालन से पहले पर्याप्त डीजल, इंजन की तकनीकी जांच और यात्रियों की सुरक्षा के इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
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