कैलाश मंदिर के महंतों ने दोहराया, मंदिर की जमीन पर निजी निर्माण गलत
आगरा, 01 जुलाई। सिकंदरा क्षेत्र में कैलाश मंदिर में प्रस्तावित द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर को लेकर महंत गौरव गिरि के यू टर्न लेने के बाद भी बुधवार को महंत परिवारों के सदस्यों ने प्रेस वार्ता कर कैलाश मंदिर की जमीन पर निजी सहयोग से नए मंदिर निर्माण को गलत ठहराया।
महंत सुभाष गिरि, महंत निर्मल गिरि, महंत सतीश गोस्वामी, महंत दिलीप गिरि, महंत सोमेश गिरि, महंत राजकुमार गिरि, महंत केशव गिरि, महंत विजय गिरि, महंत सचिन गोस्वामी, महंत धर्मेंद्र गिरि और महंत भीम गिरि ने संयुक्त रूप से कहा कि मंदिर परिसर में निजी मंदिर बनाने की कोशिशों का वे विरोध करते हैं, यदि किसी परिवार को मंदिर बनाना है तो वह परिसर से अलग भूमि पर बनाये। अगर महंत परिवार का कोई सदस्य अपना व्यक्तिगत मंदिर बनना चाहता है तो वह मंदिर प्रांगण से अलग भूमि पर बनायें इसमें कोई भी आपत्ति नहीं है।
उन्होंने कहा कि भूमि पर जो धर्मशालाएं या मकान बने हुए हैं, जिनमें लोग रह रहे हैं, वे केवल सेवायत हैं। उनका किसी भी प्रकार का स्वामित्व नहीं है। जरूरत पड़ी तो मंदिर की संपत्ति, परंपरा और धार्मिक स्वरूप की रक्षा के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।
दूसरी ओर महंत गौरव गिरि ने मंदिर में स्थानाभाव का हवाला देकर अब कैलाश मोड़ पर नए मंदिर के निर्माण कराने की बात कही है। उनका कहना है कि द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर को पहले कैलाश घाट के समीप बनाया जा रहा था। यहां पर स्थान की सीमित उपलब्धता है। सुरक्षा संबंधी पहलुओं पर विचार किया गया। इसके बाद स्थान में बदलाव का निर्णय लिया गया है। अब मंदिर का निर्माण कैलाश मोड़ के निकट कराया जाएगा। द्वादश ज्योतिर्लिंग का कैलाश मंदिर ट्रस्ट से कोई संबंध नहीं है।
महंत परिवारों बीच अंतर्विरोध का यह मामला एक दिन पहले से चर्चा का विषय बन गया था।
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