दस साल से बेच रहा था नामी ब्रांड का नकली घी! छापेमारी में खुलासा
आगरा, 26 जून। थाना ट्रांस यमुना पुलिस ने नामी ब्रांड के नाम पर नकली देशी घी बेचने के कारोबार का खुलासा किया है। आरोपी द्वारा करीब दस साल से नकली घी बनाकर बाजार में सप्लाई कर रहा था। पुलिस ने आरोपी दुकानदार के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, क्रीमी फूड लिमिटेड और वीआरएस फूड लिमिटेड के विपणन निगरानी अधिकारी जितेंद्र सिंह ने ट्रांस यमुना थाने में तहरीर देकर बताया था कि उनकी कंपनियों के मधुसूदन और पारस ब्रांड के नाम से नकली घी तैयार कर बाजार में बेचे जाने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। सूचना के आधार पर पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने हाथरस रोड स्थित टेढ़ी बगिया, ईंट की मंडी के पास एक दुकान और गोदाम पर संयुक्त छापेमारी की। छापेमारी के दौरान मौके पर मौजूद व्यक्ति ने अपना नाम वीरेन्द्र सिंह पुत्र रामकिशन निवासी गोकुल नगर, फाउंड्री नगर बताया। पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने गोदाम की तलाशी ली, जहां से मधुसूदन ब्रांड के चार टीन और पारस ब्रांड के चार टीन, प्रत्येक 15-15 किलो वजन के संदिग्ध घी बरामद हुए।
कंपनी प्रतिनिधि द्वारा मौके पर किए गए प्राथमिक परीक्षण और पैकेजिंग की जांच में बरामद टीन और आउटर कार्टन असली ब्रांड की हूबहू नकल पाए गए। जांच में यह भी सामने आया कि इन उत्पादों की बिक्री बिना किसी वैध प्राधिकरण और बिल के की जा रही थी। इससे उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी होने के साथ-साथ कंपनियों को आर्थिक नुकसान और सरकार को राजस्व की क्षति पहुंच रही थी।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके से विभिन्न ब्रांड के घी के नमूने जांच के लिए सुरक्षित कर लिए। शेष बरामद माल को सील कर पुलिस ने कब्जे में ले लिया।
थानाध्यक्ष हरेंद्र कुमार ने मीडिया को बताया कि आरोपी के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब नकली घी के निर्माण और सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
पुलिस ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि आरोपी वीरेंद्र दस साल से वनस्पति घी व एसेंस मिलाकर घी तैयार करता था और नामी ब्रांड की पैकिंग में पैक कर बाजार में बेचता था।
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