करोड़ों रुपये की ठगी का आरोपी तित्तल गिरफ्तार, कमलानगर थाने में लग गई पीड़ितों की भीड़

आगरा, 27 जून। थाना कमलानगर पुलिस ने निवेश पर रकम दोगुनी करने का झांसा देकर करीब 2.26 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार  कमलानगर निवासी सत्यप्रकाश तित्तल पर एसबीएनएल वर्ल्ड के नाम पर लोगों से निवेश कराकर धोखाधड़ी करने कl आरोप है। उसके पकड़े जाने की सूचना मिलते ही पीड़ितों की भीड़ भी कमला नगर थाने पहुंच गई। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। चर्चा है कि कई लोग अभी तक सामने नहीं आए हैं, उनसे भी बड़ी ठगी की गई है। 
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सत्यप्रकाश तित्तल को फिरोजाबाद के टूंडला से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए खुद को बीमार बताकर अस्पताल भेजने की कोशिश की, लेकिन मेडिकल परीक्षण में उसकी सभी रिपोर्ट सामान्य मिलीं। इसके बाद पुलिस ने उसे विधिक कार्रवाई के लिए न्यायालय में पेश किया।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने वर्ष 2023 से 2025 के बीच लोगों को कम समय में रकम दोगुनी करने का लालच दिया। इसके लिए उसने संजय प्लेस में कार्यालय खोल रखा था, जहां से निवेश योजनाओं का प्रचार-प्रसार कर लोगों से करोड़ों रुपये जमा कराए गए। समय पूरा होने पर निवेशकों को न तो उनका पैसा वापस मिला और न ही कोई लाभांश दिया गया। इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत की।
चर्चा है कि एक अधिकारी की पत्नी के नौ करोड़ रुपये भी इस गिरोह ने ठग लिए। वह राजस्थान से आगरा के चक्कर काट रही हैं। नौ करोड़ कहां से दिखाएं, इसके चलते मुकदमा दर्ज कराने से बच रही हैं।
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खबरों के अनुसार, आरके पुरम ताजनगरी के रहने वाले मनीष शर्मा और अन्य छह लोगों ने डीसीपी सिटी से शिकायत की थी कि कमलानगर एफ ब्लॉक निवासी सत्य प्रकाश तित्तल उनकी पत्नी वर्षा तित्तल, भतीजे विक्रांत तित्तल, विशाल तित्तल, युवराज सिंह,  सपना सिंह, राहुल सोनी, कुसुमलता सोनी ने उनसे संयुक्त रूप से षड्यंत्र करते हुए उनके साथ दो करोड़, 26 लाख रुपये की ठगी की है। कहा गया कि आरोपी यह ऐलान भी देते हैं कि उन्होंने कई अधिकारियों के भी पैसे लगा रखे हैं। इसलिए यह अधिकारी भी उनकी जेब में रहते हैं।
डीसीपी के आदेश के बाद कमला नगर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। पीड़ितों ने बताया कि यह गिरोह 15, 19 और 30 महीने में दोगुना पैसा करने की बात कहता था। इसके चलते उन्होंने उन्हें रुपये दे दिए। आरोपियों ने शपथ पत्र के साथ ही अपने नाम के चेक भी निवेशकों को विश्वास बनाए रखने के लिए दिए थे। बताया जा रहा है जो शपथपत्र दिए गए उन्हें लेकर उन्हें पता चला कि जिस अधिवक्ता से शपथपत्रों का सत्यापन करना बताया गया था, उनकी काफी समय पहले ही मृत्यु हो गई थी।  
यह भी बताया गया कि सत्य प्रकाश तित्तल, विक्रांत तित्तल, विशाल तित्तल, युवराज सिंह और राहुल कुमार के खिलाफ विगत चार जून को हरीपर्वत थाने में भी धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ था। वहां पर गोविंदपुरी कमला नगर निवासी संजय दिवाकर ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें प्लॉट के नाम पर 48 लाख की ठगी का आरोप लगाया गया।
पीड़ितों ने पुलिस को यह भी बताया कि सत्यप्रकाश तित्तल अपने साथ कई बाउंसर भी रखता था। इसके साथ ही लग्जरी लाइफ जीता था।
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