आगरा में पुलिस का मेगा अभियान: साइबर ठगों पर एक साथ सौ जगह छापे, साठ संदिग्ध हिरासत में 50 करोड़ रुपये के लेनदेन के साक्ष्य मिले
आगरा, 09 जुलाई। कमिश्नरेट पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ा संयुक्त अभियान चलाते हुए शहर के करीब 100 स्थानों पर एकसाथ छापेमारी की। इस दौरान 60 संदिग्धों को पुलिस अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई और सोलह अलग-अलग थानों में 16 मुकदमे दर्ज किए गए। शुरुआती जांच में करीब 50 करोड़ रुपये के संदिग्ध साइबर लेनदेन के साक्ष्य पुलिस को मिले। सभी आरोपी आगरा के ही रहने वाले हैं और देश के 13 राज्यों में साइबर फ्रॉड की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं।
पुलिस आयुक्त के निर्देशन में इस अभियान में साइबर सेल, साइबर थाना, काउंटर इंटेलिजेंस/साइबर सर्विलांस टीम, सिटी, वेस्ट और ईस्ट जोन की सर्विलांस व एसओजी टीमें शामिल रहीं। छापे की कार्रवाई जगदीशपुरा, रकाबगंज, सदर बाजार, एकता, छत्ता, कमला नगर, ट्रांस यमुना, न्यू आगरा, सिकंदरा, कागारौल, मलपुरा, खेरागढ़, फतेहपुर सीकरी, फतेहाबाद, पिनाहट और चित्राहाट सहित कुल 16 थाना क्षेत्रों में की गई।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जांच में सामने आया कि शहर से संचालित साइबर ठगी का नेटवर्क केवल यूपी तक सीमित नहीं था, बल्कि देश के 13 राज्यों से जुड़ी 178 साइबर शिकायतों का संबंध इन लोगों से पाया गया। लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर अपराधियों के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराया जाता था। इन्हीं खातों के जरिए देशभर में होने वाली ऑनलाइन ठगी की रकम इधर-उधर भेजी जाती थी ताकि असली अपराधियों तक पुलिस आसानी से न पहुंच सके। इसके अलावा मैट्रिमोनियल फ्रॉड, ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड और विभिन्न प्रकार की डिजिटल ठगी के मामलों में भी इन संदिग्धों की भूमिका सामने आई है।
जांच एजेंसियों को कुछ मामलों में विदेशी कनेक्शन और अंतरराष्ट्रीय मनी ट्रेल के भी संकेत मिले हैं। अब यह पता लगाया जा रहा है कि ठगी का पैसा किन-किन खातों और किन देशों तक पहुंचा। इस दिशा में साइबर विशेषज्ञों और तकनीकी टीमों की मदद ली जा रही है। यह कार्रवाई 1930 साइबर हेल्पलाइन और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज शिकायतों के आधार पर की गई। पुलिस का कहना है कि कई हिरासत में लिए गए लोगों के खिलाफ अन्य राज्यों में भी साइबर अपराध के मुकदमे दर्ज होने की जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल पुलिस बरामदगी, बैंक खातों को फ्रीज कराने और ठगी की रकम की रिकवरी के प्रयासों में जुटी हुई है। जांच पूरी होने के बाद इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
आगरा पुलिस का यह अभियान साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठगों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए आगे भी इसी तरह के विशेष अभियान लगातार चलाए जाएंगे। साइबर ठगी से बचने के लिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें।
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