बदलते परिदृश्य में निर्यातकों के लिए नई चुनौतियाँ और नए अवसर दोनों मौजूद || बीएसआई ने उद्यमियों के संग की संगोष्ठी
आगरा, 27 जून। विश्व स्तर पर तेजी से बदलते नियामकीय परिदृश्य भारतीय निर्यातकों के लिए नई चुनौतियाँ और नए अवसर दोनों लेकर आए हैं। यदि हमारे उद्योग में इन मानकों को अपनाते हैं, तो वे वैश्विक बाजार में अपनी विश्वसनीयता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को और अधिक मजबूत बना सकते हैं।
यह बात बीएसआई ग्रुप द्वारा शनिवार को संजय प्लेस स्थित एक होटल में आयोजित सेमिनार में विशेषज्ञों ने कही। बीएसआई ग्रुप ऑफ इंडिया द्वारा Building Trust in the Global Market – Through Sustainable Compliance Excellence विषय पर इस सेमीनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में अंतरराष्ट्रीय सोशल कम्प्लायंस एवं ईएसजी फ्रेमवर्क पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी। साथ ही नवीनतम संशोधनों तथा बीएसआई के डिजिटल सोशल ऑडिट टूल की उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला गया।
सेमीनार के विशिष्ट अतिथि नेशनल चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल एवं फिक्की, सीआईआई, फीओ के चेयरमैन राजेश अग्रवाल, चर्म निर्यात परिषद के अध्यक्ष पूरन डावर, एफमेक के अध्यक्ष गोपाल गुप्ता, लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता, हैंडिक्राफ्ट एक्सपोर्ट एसोसिएशन के सचिव आशीष अग्रवाल का पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। बीएसआई ग्रुप इंडिया से डायरेक्टर सेल्स एंड मार्केटिंग महेश मलपाठक, शमी सिंह, हैड ऑफ सोशल आईएसए, सीनियर लीड ऑॅडिटर, संजय भारद्वाज, विजनिस डवलपमेंट मैनेजर कृष्ण कुमार उपस्थित थे।
सेमिनार में चैम्बर अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल ने कहा कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा के इस दौर में केवल गुणवत्तापूर्ण उत्पाद बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन कर ग्राहकों का विश्वास अर्जित करना भी उतना ही आवश्यक है। चर्म निर्यात परिषद के अध्यक्ष पूरन डावर ने कहा कि निर्यातकों के साथ-साथ घरेलू उत्पादों को निर्माताओं को प्रोत्साहित और जागरूक करने की जरूरत है।
विशेषज्ञों ने प्रत्येक प्रणाली की उपयोगिता विशेषताओं एवं वैश्विक खरीदारों द्वारा उनकी स्वीकार्यता की जानकारी दी जिससे उद्योग अपनी आवश्यकताओं के अनुसार उपयुक्त मानकों का चयन कर सकें।
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