गुणवत्ता में कमी मिलने पर इंजीनियर और ठेकेदार को जेल भेजें, उद्योग हित में सुप्रीमकोर्ट और एनजीटी में प्रभावी पैरवी कराएं- आगरा में समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री के निर्देश
आगरा, 28 जून। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को यहां मंडलायुक्त सभागार में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ जनपद के विकास कार्यों, लोक निर्माण विभाग की कार्ययोजना तथा कानून व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े विकास कार्य किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होने चाहिए। यदि सुप्रीम कोर्ट अथवा एनजीटी में लंबित मामलों के कारण परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं तो उनकी प्रभावी पैरवी के लिए वरिष्ठ एवं अनुभवी अधिवक्ताओं का पैनल गठित किया जाए और अतिरिक्त प्रयास सुनिश्चित किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने सबसे पहले लोक निर्माण विभाग के पुराने कार्यों एवं प्रस्तावित कार्ययोजना की विधानसभावार समीक्षा की। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों से संबंधित प्रस्तावों की प्राथमिकता शीघ्र निर्धारित करें। यदि किसी प्रस्ताव में संशोधन अथवा सुझाव देना हो तो तत्काल उपलब्ध कराया जाए, जिससे कार्ययोजना को स्वीकृति देकर धनराशि अवमुक्त की जा सके। उन्होंने कहा कि धनराशि जारी होते ही कार्य प्रारंभ कराए जाएं तथा गुणवत्ता और समयबद्धता की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने आगरा के विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की भी जानकारी ली। एयरपोर्ट विस्तारीकरण परियोजना की समीक्षा में अधिकारियों ने बताया कि कार्य अक्टूबर तक पूरा होने की संभावना है। रनवे विस्तारीकरण के लिए कुछ पेड़ों को हटाने की आवश्यकता है, जिसके लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुमति लंबित है। इसी प्रकार विभिन्न सेतु निर्माण एवं सड़क चौड़ीकरण परियोजनाओं में भी पेड़ों को हटाने की अनुमति आवश्यक है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि सुप्रीम कोर्ट एवं राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में लंबित मामलों की प्रभावी पैरवी की जाए। इसके लिए वरिष्ठ एवं अनुभवी अधिवक्ताओं का पैनल गठित कर अतिरिक्त प्रयास किए जाएं ताकि विकास कार्य बाधित न हों। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जहां सड़क चौड़ीकरण में पुराने पेड़ बाधा बन रहे हों, वहां पेड़ों वाली भूमि को छोड़कर वैकल्पिक चौड़ीकरण का प्रस्ताव तैयार किया जाए।
मुख्यमंत्री ने सीएम ग्रिड योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों को उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा कराने के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो संबंधित कार्यदायी संस्था के इंजीनियर और ठेकेदार की जवाबदेही तय करते हुए एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई की जाए।
बैठक में जनप्रतिनिधियों ने शहर के भारी ट्रैफिक को कम करने के लिए दयालबाग से खंदौली को जोड़ने वाले यमुना पुल, एत्मादपुर बाईपास, ग्वालियर रोड पर जलभराव, विभिन्न धार्मिक स्थलों के संपर्क मार्गों तथा अन्य सेतु एवं सड़क निर्माण परियोजनाओं से जुड़ी समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने इन सभी प्रस्तावों को कार्ययोजना में शामिल करने के निर्देश दिए।
बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, जनपद प्रभारी मंत्री भूपेंद्र चौधरी, मंत्री जयवीर सिंह, चौधरी लक्ष्मी नारायण, योगेंद्र उपाध्याय, बेबीरानी मौर्य, ब्रजेश सिंह, सांसद राजकुमार चाहर, राज्यसभा सदस्य नवीन जैन, महापौर हेमलता दिवाकर, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया, विधायक डॉ. जी.एस. धर्मेश, डॉ. धर्मपाल सिंह, पक्षालिका सिंह, पुरुषोत्तम खंडेलवाल, भगवान सिंह कुशवाह, बाबूलाल, छोटेलाल वर्मा, विधान परिषद सदस्य विजय शिवहरे सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। अधिकारियों में मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप, जिलाधिकारी मनीष बंसल, आगरा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एम. अरुणमोलि, मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, नगरायुक्त संतोष कुमार वैश्य सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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