पति निकला समलैंगिक, दो सौ युवकों से संबंध! पत्नी पहुंची न्यायालय की शरण में

आगरा, 20 मई। थाना एकता क्षेत्र की रहने वाली एक महिला को शादी के बाद पता चला कि पति समलैंगिक है। खुद लड़की बन दो सौ से ज्यादा लड़कों से चैट करता था। सभी के साथ उसके संबंध थे। उसने सास, ससुर से शिकायत की तो वे पति के इलाज के नाम पर मायके से पांच लाख रुपये लाने की मांग करने लगे। परेशान महिला ने पुलिस से शिकायत की, कार्रवाई न होते देख फिर न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के निर्देश पर एकता थाना पुलिस ने पूरे मामले की गम्भीरता से जांच शुरू कर दी है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित महिला ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर अपने पति समेत ससुराल पक्ष के छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की थी। उसका कहना था कि उसका विवाह 22 दिसंबर, 2024 को शहर के एक होटल में हिंदू रीति-रिवाज से उज्जैन (मध्यप्रदेश) के युवक से हुआ था। शादी में उसके पिता ने रिश्तेदारों के सहयोग से करीब 15-16 लाख रुपये खर्च किए और ससुराल पक्ष की इच्छानुसार सामान भी दिया।
आरोप है कि शादी के बाद ससुराल पहुंचते ही सास, ससुर, ननद और ननदोई ने कार और पांच लाख रुपये नकद की मांग को लेकर उसे ताने देने शुरू कर दिए। पीड़िता का कहना है कि शादी के बाद पति ने उससे दूरी बनाए रखी और शारीरिक संबंध बनाने से इंकार करता रहा। पहले एक-दूसरे को समझने का हवाला दिया और फिर साफ मना करने लगा।
कुछ समय बाद जब उसने पहल की तो पति ने कहा कि उसे इसमें कोई रुचि नहीं है और वह केवल पैसों में दिलचस्पी रखता है। इसके बाद ससुराल पक्ष ने बताया कि उन्होंने दहेज के लालच में ही यह शादी कराई थी, ताकि पति का इलाज कराया जा सके। 
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पीड़िता के जांच करने पर पति के मोबाइल फोन में आपत्तिजनक गतिविधियों का पता चला, जिसमें वह लड़की बनकर 200 से अधिक युवकों से बात करता था और उनसे मिलकर संबंध बना रुपये लेता था। यह जानकारी ससुराल वालों को देने पर उन्होंने पीड़िता के साथ मारपीट की। गालियां देकर उसे एक कमरे में बंद कर दिया। पति ने भी उसके साथ मारपीट करते हुए उसे अपने दोस्तों के पास भेजने की धमकी दी। डरी-सहमी पीड़िता ने अपने परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद वह 5 मई, 2025 को मायके लौट आई।
आरोप है कि उसके जेवर, कपड़े और अन्य सामान अभी भी ससुराल पक्ष के कब्जे में हैं। पंचायत स्तर पर समझौते के प्रयास भी विफल रहे। पीड़िता ने नौ जून 2025 को महिला थाना रकाबगंज और 17 जून 2025 को पुलिस आयुक्त को शिकायत दी। धीमी कार्रवाई को देख उसने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर थाना एकता पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर आरोपों की जांच कर रही है।
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