किरायेदार ने आखिर क्यों ले ली मासूम बच्ची की जान, फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दस टीमें लगाई गईं

आगरा, 26 मार्च। थाना ताजगंज पुलिस इस खोजबीन में जुटी है कि सिद्धार्थ नगर में किराएदार ने आठ वर्षीया बालिका की जान आखिर क्यों ली। फरार किराएदार की तलाश में दस टीमें लगाई गई हैं। सर्विलांस की भी मदद ली जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि बहुत जल्द आरोपी गिरफ्त में होगा। उसके पकड़े जाने पर ही हत्या के कारण का खुलासा हो सकेगा।
गौरतलब है कि सिद्धार्थ नगर में मंगलवार की दोपहर घर के बाहर से बालिका लापता हो गई थी। बुधवार की रात उसका शव घर की ऊपरी मंजिल में रहने वाले किरायेदार सुनील के घर में आटे के छोटे ड्रम में मिला।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बालिका के लापता होने पर सुनील परिजनों के साथ उसे तलाश करने का नाटक करता रहा। कुछ समय बीतने के बाद सुनील अपने कमरों का ताला लगा कर फरार हो गया। 
मृतका के पिता दिनेश का कहना है कि मंगलवार को वह बाजार गए हुए थे। उनके पास फोन पहुंचा कि बड़ी बेटी लापता है तो तुरंत घर आए। बस्ती के लोग एकत्रित थे। सभी लोग बालिका की तलाश में जुट गए। आरोपी किराएदार सुनील भी उनके साथ बालिका की तलाश कराने का नाटक करता रहा। वह उनके साथ पुलिस थाने तक गया। लेकिन, थाने के अंदर नहीं गया। पुलिस ने जब बच्ची के लापता होने के पोस्टर चस्पा करने को दिए तब भी सुनील उनके साथ था। वह पोस्टर चस्पा करने भी साथ गया।
बालिका का पता न चलने पर बाद डॉग स्क्वायड बुलाया गया। डॉग पूरे मोहल्ले में घूमकर वापस आरोपी सुनील के घर पर आकर रुक जाता। इसके बाद पुलिस ने सुनील के घर की तलाश भी की। मगर, तब तक उनकी नजर आटे के छोटे ड्रम पर नहीं गई। पुलिस की छानबीन के चलते सुनील को अपने पकड़े जाने का शक हुआ तो वह कमरों का ताला लगाकर फरार हो गया। उसके अचानक लापता हो जाने पर परिजनों को भी शक हुआ। उन्होंने पुलिस को जानकारी दी। पुलिस की एक टीम दुबारा आरोपी के घर पहुंची। ताला तोड़कर फिर से घर की तलाशी ली गई। इस दौरान कपड़े से छिपाए गए छोटे ड्रम पर नजर पड़ी। जब ड्रम खोला तो उसमें बच्ची की लाश बंद थी। गला कटा हुआ था। कपडे़ खून से सने हुए थे। परिजनों का कहना है कि बच्ची अर्धनग्न हालत में थी। बच्ची का शव मिलते ही मां प्रीति व पिता दिनेश कुमार बेसुध हो गए।
सिद्धार्थ नगर गोबर चौकी निवासी दिनेश का जूते का कारखाना है। घर के ठीक सामने ही उनका एक और मकान है। इस मकान के भूतल पर उनका सामान रहता है। घर के ऊपर दो कमरे हैं। इसमें किराएदार सुनील रहता था। 
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने मीडिया को बताया कि सीसीटीवी में बालिका घर वाली गली में जाते दिखी थी। इससे इतना तो साफ हो गया था कि जो भी हुआ गली के अंदर हुआ है। पुलिस की एक टीम गली के बाहर कैमरे खंगाल रही थी। एक टीम को मकानों की तलाशी की जिम्मेदारी दी गई थी। पुलिस ने एक-एक करके कई घर खंगाले। कुछ घरों में जूता कारखाने चलते हैं वहां भी छानबीन की गई। कर्मचारियों के बारे में पता किया गया। दोपहर तक पुलिस को यह नहीं पता था कि बच्ची के घर में भी एक किराएदार रहता है। उसके बारे में देर शाम जानकारी हुई।
कहा जा रहा है कि सुनील नशे में आदी है। इसी के चलते उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई थी। मोहल्ले में उसका मकान भी कोरोना काल में बिक गया था। उसकी स्थिति को देखते हुए कमरा किराये पर दे दिया था। सुनील के साथ उसकी मां भी रहती हैं, कुछ दिन पहले ही वह अपनी बेटी के यहां चली गई थी।
पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर आरोपी किराएदार के खिलाफ अपहरण और हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपी की तलाश के लिए दस टीमें लगाई गई हैं। गिरफ्तारी के बाद ही हत्या की वजह का पता चल सकेगा।
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