प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एडवाइजरी के अनुरूप टीटीजेड के उद्योगों को मिल सकती है वैकल्पिक ईंधन की अनुमति !! लघु उद्योग भारती की मांग पर मंडलायुक्त करेंगे प्रयास
आगरा, 27 मार्च। मंडलायुक्त नागेंद्र प्रताप ने कहा है कि देश में ईंधन संकट के मद्देनजर ताज ट्रिपेजियम जोन के उद्योगों को वैकल्पिक ईंधन की अनुमति दिलाने के प्रयास किए जाएंगे। मंडलायुक्त ने यह आश्वासन शुक्रवार को उनसे मिले लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधिमंडल को दिया।
प्रतिनिधिमंडल ने उल्लेख किया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 12 मार्च, 2026 को जारी एडवाइजरी तथा एनसीआर क्षेत्र में 13 मार्च, 2026 से दी गई अनुमति के अनुरूप ताज ट्रेपेजियम क्षेत्र में भी वैकल्पिक ईंधन के सीमित एवं अस्थायी उपयोग की स्वीकृति प्रदान की जानी चाहिए।
मंडलायुक्त कैंप कार्यालय में हुई इस मुलाकात का नेतृत्व प्रदेश लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष राकेश गर्ग ने किया। गर्ग ने कहा कि वर्तमान आपात परिस्थितियों में उद्योगों को बचाना सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि समय रहते व्यावहारिक समाधान नहीं अपनाए गए, तो इसका प्रभाव केवल उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि संपूर्ण स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार पर भी पड़ेगा। अतः वैकल्पिक ईंधन की अनुमति दी जानी चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता ने कहा कि गैस संकट के कारण उद्योगों के समक्ष अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है। यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो इसका सीधा प्रभाव हजारों परिवारों की आजीविका पर पड़ेगा।
इंजीनियर उमेश शर्मा ने उद्योगों के सुचारू संचालन हेतु व्यावहारिक समाधान अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। प्रतिनिधिमंडल ने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों, विशेषकर पश्चिम एशिया युद्ध के कारण उत्पन्न गैस संकट और उसके उद्योगों पर पड़ रहे व्यापक प्रभाव को प्रमुखता से रखा। कहा गया कि प्राकृतिक गैस की कमी के चलते ताज ट्रिपेजियम क्षेत्र में गैस आधारित इकाइयों का संचालन गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है, जिससे पेठा उद्योग, मिठाई निर्माण, होटल एवं रेस्टोरेंट व्यवसाय सहित अनेक उद्योग संकट की स्थिति में हैं। इससे न केवल उत्पादन प्रभावित हो रहा है, बल्कि हजारों श्रमिकों के समक्ष रोजगार का संकट भी खड़ा हो गया है।
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