आगरा किला रेलवे स्टेशन पर मानव तस्करी नेटवर्क का बड़ा खुलासा, छह बच्चे मुक्त कराए, दो अभियुक्त गिरफ्तार
आगरा, 28 मार्च। आगरा किला स्टेशन पर आरपीएफ ने मानव तस्करी नेटवर्क का खुलासा करते हुए छह नाबालिग बच्चों को मुक्त कराया है। इन बच्चों को साबरमती जनसाधारण एक्सप्रेस (15269) के सामान्य कोच से बाल मजदूरी के लिए गुजरात ले जाया जा रहा था। आरपीएफ ने इस मामले में दो कथित मानव तस्करों को गिरफ्तार किया। सभी नाबालिग बच्चों को संरक्षण में लेकर चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया गया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पूरी कार्रवाई शुक्रवार को ऑपरेशन ‘आहट’ के तहत की गई। इसके तहत रेलवे परिसरों और ट्रेनों में मानव तस्करी एवं बाल श्रम रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
बताया गया है कि आरपीएफ पोस्ट आगरा किला से एएसआई जेपी यादव, कांस्टेबल संजय सिंह, कांस्टेबल अनिल कुमार गौतम तथा बीबीए/यूपी (बचपन बचाओ आंदोलन/उत्तर प्रदेश) के सहायक परियोजना अधिकारी ललित यादव संयुक्त रूप से टूंडला से आगरा किला सेक्शन के बीच ट्रेन संख्या 15269 साबरमती जनसाधारण एक्सप्रेस में चेकिंग अभियान चला रहे थे।
इसी दौरान ट्रेन के सामान्य कोच संख्या SC-202797 में दो अलग-अलग समूहों में छह नाबालिग बच्चे संदिग्ध अवस्था में बैठे मिले। जब टीम ने बच्चों से पूछताछ की तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। बच्चों ने बताया कि उन्हें गुजरात ले जाया जा रहा है, जहां उनसे मजदूरी कराई जानी थी। इसके बदले उन्हें ट्रेन में बैठने पर 500 से 700 रुपये प्रति बच्चा, टिकट का खर्च और रास्ते में खाने-पीने के लिए पैसे दिए गए थे। बच्चों के बयान से साफ हो गया कि उन्हें लालच देकर बाल मजदूरी और मानव तस्करी के मकसद से ले जाया जा रहा था।
नाबालिग बच्चों से मिली जानकारी के आधार पर आरपीएफ टीम ने उसी कोच में मौजूद दो संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने बच्चों को पैसों का लालच देकर गुजरात ले जाकर मजदूरी कराने की बात स्वीकार कर ली।
गिरफ्तार आरोपियों चूमन कुमार पुत्र सूरज साहनी, उम्र 28 वर्ष निवासी गांव मथरवा, टोला चकरपेता, थाना फेनहारा, जिला पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी), बिहार और कमलेश्वर यादव पुत्र लाल बाबू यादव, उम्र 35 वर्ष गांव बूढनर महुआबा, थाना चिरैया, जिला पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी), बिहार शामिल हैं। इनको आगरा किला स्टेशन पर उतारकर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाने को सौंपा गया। थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ मु.अ.सं. 0001/2026 के तहत धारा 143(5) BNS में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
मुक्त कराए गए नाबालिग बच्चों को चाइल्ड लाइन आगरा के केस वर्कर सनी कुमार की निगरानी में सुरक्षित रखा गया है। अब इन्हें आगे की कानूनी और संरक्षण प्रक्रिया के तहत बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाएगा।
बच्चों की पहचान प्रेम कुमार पुत्र शम्भू माझी, उम्र लगभग 16 वर्ष निवासी ग्राम डेल्हो, थाना मधुबन, जिला पूर्वी चम्पारण, बिहार, मुकेश कुमार पुत्र उपेन्द्र मांझी, उम्र 12 वर्ष निवासी ग्राम डेल्हो, थाना मधुबन, जिला पूर्वी चम्पारण, बिहार, संदीप कुमार पुत्र विकास मांझी, उम्र लगभग 15 वर्ष निवासी ग्राम डेल्हो, थाना मधुबन, जिला पूर्वी चम्पारण, बिहार, मनु कुमार पुत्र मटूकराय, उम्र लगभग 15 वर्ष निवासी गांव बुधनर महुआबा, थाना चिरैया, जिला पूर्वी चम्पारण, बिहार, आदित्य कुमार पुत्र शैलेन्द्र राय, उम्र लगभग 13 वर्ष निवासी गांव बुधनर महुआबा, थाना चिरैया, जिला पूर्वी चम्पारण, बिहार और सुजीत कुमार पुत्र राजेश्वर राय, उम्र लगभग 17 वर्ष निवासी गांव बुधनर महुआबा, थाना चिरैया, जिला पूर्वी चम्पारण, बिहार के रूप में हुई।
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