चैंबर चुनाव: दीपक प्रहलाद अग्रवाल की शिकायत पर कोर कमेटी में विचार-विमर्श शुरू, एक प्रत्याशी पर लगाया है न्यायालय से दोष सिद्ध होने का आरोप

आगरा, 09 मार्च। वित्तीय सलाहकार सेवा से जुड़े दीपक प्रहलाद अग्रवाल ने नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स यूपी के अध्यक्ष को लिखे पत्र में चैंबर के एक सदस्य पर न्यायालय से दोष सिद्ध होने का आरोप लगाते हुए उसकी सदस्यता खत्म करने की मांग की है।
चैंबर अध्यक्ष संजय गोयल ने इस शिकायत को चुनाव समिति को भेज दिया और चुनाव समिति के चेयरमैन ने इसे कोर कमेटी के चेयरमैन योगेन्द्र सिंघल को भेज दिया है। कोर कमेटी ने इस पर विमर्श शुरू कर दिया है और शीघ्र इस बारे में कोई निर्णायक व्यवस्था दी जा सकती है। 
चुनाव समिति के चेयरमैन मनीष अग्रवाल का कहना है कि उन्हें यह शिकायत नाम वापसी के दिन दी गई है, जबकि इस तरह की कोई भी शिकायत नामांकन के दौरान दी जानी चाहिए थी, ताजा हालात में कोर कमेटी ही इस पर कोई निर्णय ले सकती है। 
पत्र में आरोप लगाया गया है कि चैंबर के सदस्य संजय कुमार अग्रवाल को विगत 29 सितंबर 2025 को एक आपराधिक मामले में द्वितीय एसीजेएम द्वारा दोष सिद्ध किया गया था। उनकी सजा के लगभग पांच महीने बाद भी नेशनल चैम्बर की अनुशासनात्मक एवं सतर्कता समितियां इस संबंध में मौन हैं। पत्र के साथ न्यायालय के आदेश की प्रति भी भेजी गई है।
पत्र में कहा गया है कि चैंबर के संविधान के अनिवार्य नियमों के बावजूद दोष सिद्ध लोगों की सदस्यता समाप्त करने या निलंबित करने के लिए कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई है। चुनाव समिति ने भी अनजाने में इस बात को नजरअंदाज कर दिया और आगामी सदन चुनावों में कार्यकारिणी पद के लिए एक दोष सिद्ध व्यक्ति के नामांकन को मंजूरी दे दी है।
पत्र में चैंबर अध्यक्ष से अनुरोध किया गया है कि एनसीसी की प्रतिष्ठा और छवि की रक्षा के लिए ऐसे व्यक्तियों सदस्यता तत्काल समाप्त/निलंबित की जाए।
दीपक प्रहलाद अग्रवाल का कहना है कि वे इस बारे में विगत 25 दिसम्बर को भी चैंबर अध्यक्ष को पत्र लिख चुके हैं। लेकिन उनके पत्र पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। दूसरी ओर चैंबर अध्यक्ष संजय गोयल का कहना है कि पिछले दिसम्बर में उन्हें इस आशय का कोई पत्र नहीं मिला।
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