प्रीमियम पेट्रोल खरीदने को मजबूर करने वाले पम्प संचालकों पर कठोर कार्रवाई करेगा जिला प्रशासन
आगरा, 27 मार्च। पेट्रोल और डीजल खरीदने को लेकर लोगों की बढ़ती बेचैनी के बीच जिला प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसी शिकायतें हैं कि कुछ पेट्रोल पंप संचालक सादा पेट्रोल खत्म होने की बात कहकर ग्राहकों को जबरन प्रीमियम पेट्रोल खरीदने पर मजबूर कर रहे हैं।
जिला पूर्ति अधिकारी आनंद कुमार ने मीडिया से कहा कि ऐसे पंपों को चिह्नित कर जांच शुरू कर दी गई है। सादा तेल की उपलब्धता होने के बावजूद प्रीमियम तेल बेचने वाले संचालकों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में तेल की कोई किल्लत नहीं है। स्थिति पूरी तरह सामान्य है। हालांकि सुरक्षा कारणों से पेट्रोल या डीजल को बोतल या कैन में बेचने पर सख्ती बढ़ा दी गई है और नियम तोड़ने वालों पर एफआईआर की चेतावनी दी गई है।
जिलापूर्ति अधिकारी आनंद कुमार का कहना है कि वर्तमान में भीषण गर्मी के कारण ईंधन का अवैध भंडारण किसी बड़े अग्निकांड का कारण बन सकता है। घरों या असुरक्षित स्थानों पर पेट्रोल-डीजल रखना जानलेवा साबित हो सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पेट्रोल डीजल के भंडारण से बचें। बोतल या कैन पर सख्ती भी केवल अवैध भंडारण रोकने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगाई गई है।
हालांकि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी की अफवाह का असर शुक्रवार को जिलेभर के पेट्रोल-डीजल पंपों पर दिखाई दिया। जिले में पांच साल में डीजल की बिक्री के सभी रिकार्ड टूट गए। एक दिन में डीजल की 20.37 लाख लीटर बिक्री हुई।
जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने भी लोगों से लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की। उनका कहना है कि पेट्रोल और डीजल की भरपूर उपलब्धता है। मूल्यों में बढ़ोतरी नहीं होने जा रही है। इसलिए पेट्रोल पंपों पर भीड़ न लगाएं और जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल या डीजल अपने वाहन में भरवाएं।
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