राज्य सरकारों की सहमति के लिए अटका छावनी क्षेत्रों का नगर निकायों में विलय!

आगरा, 08 मार्च। छावनी क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को हल करने के लिए रविवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से एक प्रतिनिधिमंडल केशो मेहरा, पूर्व प्रदेश महामंत्री (संगठन) भाजपा एवं पूर्व विधायक के नेतृत्व में मिला।
केशो मेहरा ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से देश की समस्त छावनियों को स्थानीय निकाय में विलय करने की मांग की।
रक्षा मंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार की ओर से छावनी परिषदों को स्थानीय निकाय में विलय करने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है, लेकिन हमें राज्य सरकार से अभी तक कोई उत्तर नहीं मिला है, हमें राज्य सरकार के उत्तर की प्रतीक्षा है, यदि राज्य सरकारें सहमत हैं, तो हम छावनी परिषदों को स्थानीय निकायों में विलय कर देंगे।  
सदर बाजार स्थित सेल्फ फाइनेन्स स्कीम के अन्तर्गत शॉपिंग आर्केड की दुकानों के सम्बन्ध में ध्यान आकर्षित करते हुए विधायक डा जीएस धर्मेश ने कहा कि इन दुकानों की ई-नीलामी रुक गई है, इस सम्बन्ध में छावनी परिषद के अधिनियम एवं नियमावली में आवश्यक संशोधन कर समस्या को स्थायी रूप से हल किया जाए, प्रत्येक तीस वर्ष बाद इन दुकानों की लीज का स्वतः नवीनीकरण लीज राशि में निर्धारित प्रतिशत की वृद्धि करके कर दिया जाए, अधिक उचित रहेगा इन्हें फ्रीहोल्ड कर दिया जाए। 
इस दौरान छावनी परिषद के मनोनीत सदस्य राजेश गोयल ने कहा कि जीएलआर सर्वे में वर्षों से म्युटेशन नहीं हो रहे हैं, जिससे छावनी परिषद क्षेत्र में जिन्होंने संपत्ति खरीदी है, उनमें बहुत बेचैनी है, यद्यपि अधिनियम एवं नियमावली में स्पष्ट निर्देश हैं कि निर्धारित अवधि में म्युटेशन किए जाने का प्रावधान है, लेकिन इनका पालन नहीं हो रहा है। इसके अतिरिक्त उन्होंने अवगत कराया कि छावनी क्षेत्र की पानी की टंकी जर्जर हो चुकी हैं, सार्वजनिक शौचालयों में दरवाजे नहीं हैं एवं बहुत गंदगी है, अनेक सड़कों की मरम्मत होनी है, इस ओर बहुत ध्यान दिलाए जाने पर भी स्थिति सुधर नहीं रही है।
प्रतिनिधिमंडल में सजल बंसल, अनमोल गोयल भी उपस्थित रहे।
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