कोल्ड स्टोरेज की बिजली दरों को कृषि श्रेणी में रखा जाए, सांसद चाहर का मुख्यमंत्री को पत्र

आगरा, 15 फरवरी। फतेहपुर सीकरी से सांसद एवं भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर किसानों के हित में महत्वपूर्ण मांग उठाई है। सांसद चाहर ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि आगरा जनपद सहित प्रदेश में किसान बड़े पैमाने पर आलू, मटर, टमाटर एवं अन्य सब्जियों का उत्पादन करते हैं। फसल को खेत से निकालने के बाद सुरक्षित रखने के लिए किसानों को कोल्ड स्टोरेज का सहारा लेना पड़ता है। लेकिन वर्तमान में कोल्ड स्टोरेज पर बिजली की दरें कमर्शियल श्रेणी में निर्धारित हैं, जिससे भंडारण शुल्क काफी अधिक हो जाता है। जबकि कोल्ड स्टोरेज कोई उत्पादन इकाई या फैक्ट्री नहीं है, बल्कि कृषि उपज के संरक्षण का माध्यम है।
वर्तमान में किसानों को लगभग ₹250 प्रति क्विंटल की दर से आलू का भंडारण शुल्क देना पड़ता है। वहीं बाजार में आलू का औसत विक्रय मूल्य लगभग ₹500 प्रति क्विंटल ही मिल पाता है। ऐसी स्थिति में किसान को न तो उचित लाभ मिल पाता है और न ही कई बार वह कोल्ड स्टोरेज का किराया चुका पाता है। कीमतें और गिरने पर किसान मजबूरन आलू को कोल्ड स्टोरेज में ही छोड़ देता है, जिससे उसे भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
सांसद राजकुमार चाहर ने मुख्यमंत्री से पत्र के माध्यम से आग्रह किया है कि कोल्ड स्टोरेज की बिजली दरों को कमर्शियल से घटाकर कृषि श्रेणी में किया जाए। साथ ही भंडारण शुल्क कम करने हेतु विशेष नीति बनाई जाए।
सांसद ने कहा कि यदि बिजली दरों में राहत दी जाती है तो सीधे तौर पर कोल्ड स्टोरेज का किराया घटेगा और किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। यह पहल प्रदेश के लाखों आलू एवं सब्जी उत्पादक किसानों के लिए राहत की उम्मीद लेकर आएगी।

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