ताज महोत्सव में इस बार मुशायरा आयोजित न किए जाने पर कड़ी आपत्ति, कमिश्नर, डीएम से कार्रवाई की मांग
आगरा, 18 फरवरी। सामाजिक, साहित्यिक संस्था चित्रांशी के सचिव अमीर अहमद एडवोकेट ने एक बयान में ताज महोत्सव में इस बार मुशायरे को जगह नहीं दिए जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि उर्दू शायरी पसंद करने वाले लोगों को इससे गहरा दुख पहुंचा है।
बयान में कहा गया है कि जब से ताज महोत्सव का आयोजन प्रारंभ हुआ तब से हर वर्ष कवि सम्मेलन व मुशायरा का आयोजन अलग-अलग होता चला आ रहा था, किंतु न जाने किन कारणों से इस वर्ष मिला-जुला कवि सम्मेलन व मुशायरा आयोजित किये जाने का निर्णय लिया गया।
समाचार पत्रों में यही प्रसारित किया गया लेकिन अत्यंत दु:ख की बात है कि निमंत्रण कार्ड में केवल अखिल भारतीय कवि सम्मेलन दिया गया है मुशायरा नदारद है। जो सूची है उसमें भी केवल मदन मोहन दानिश ही एक मात्र शायर हैं।
अमीर अहमद ने कहा कि यह अत्यंत आपत्तिजनक है तथा उर्दू शायरी पसंद करने वाले लोगों को इससे गहरा दु:ख पहुंचा है। वर्षों से चली आ रही परंपरा को समाप्त करना किसी भी रूप में उचित नहीं है। मंडलायुक्त व जिलाधिकारी को जिम्मेदार संबधित व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई करनी चाहिए।
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