सनसनीखेज: सरकारी सिस्टम पर साइबर ठगों का हमला, दरोगा को भी लगाया दस लाख का चूना

आगरा, 13 जनवरी। साइबर ठगों के हौंसले दिनोंदिन बुलंद होते जा रहे हैं। हाल ही में सरकारी सिस्टम पर इन ठगों के अटैक का सनसनीखेज मामला सामने आया। एक अन्य मामले में साइबर ठगों ने एक दरोगा को ही दस लाख रुपये का चूना लगा दिया।
खबरों के अनुसार, ताजा मामला 15वीं वाहिनी पीएसी के नाम से आईजी स्थापना मुख्यालय को एक फर्जी ई-मेल भेजे जाने का है। शुरुआती जांच में ही स्पष्ट हो गया कि यह मेल किसी भी सरकारी एनआईसी (nic.in) आईडी से नहीं भेजा गया, बल्कि पूरी तरह सुनियोजित साइबर साजिश के तहत तैयार किया गया था। तकनीकी जांच में सामने आया कि फर्जी ई-मेल Hostinger सर्वर के जरिए भेजा गया और Google MX सर्वर की मदद से उसे वैध दिखाते हुए जीमेल इनबॉक्स में डिलीवर कराया गया। इस कारण पहली नजर में मेल पूरी तरह सरकारी और प्रामाणिक प्रतीत हुआ।
जांच एजेंसियों ने पाया कि आरोपियों ने सरकारी वेबसाइट की तर्ज पर दिखने वाले कई फर्जी डोमेन भी तैयार किए। इन डोमेनों का उद्देश्य अधिकारियों को भ्रमित करना और मेल को अधिक विश्वसनीय बनाना था। फर्जी ई-मेल के जरिए पीएसी के एक कर्मचारी के सेवा प्रकरण से जुड़ा मामला आगे बढ़ाने और उसमें अनुचित लाभ दिलाने का प्रयास किया गया। आशंका है कि यदि समय रहते ई-मेल की जांच न होती, तो सरकारी प्रक्रिया से छेड़छाड़ संभव थी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, तकनीकी ट्रेसिंग के बाद ई-मेल से जुड़े सिम कार्ड का पता चला, जो एटा और मथुरा निवासी दो युवतियों के नाम पर जारी हैं। इन दोनों के खिलाफ साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साइबर क्राइम पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इसके पीछे कोई संगठित साइबर गिरोह है या सरकारी तंत्र में सेंध लगाने की बड़ी साजिश है।
दरोगा को दस लाख का चूना लगाया 
एक अन्य मामले में साइबर ठगों ने इस बार अपने जाल में एक पुलिस कर्मी को ही फंसा लिया। पेंशन अपडेट के नाम पर भेजी गई एक संदिग्ध APK फाइल ने दरोगा की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ कर दिया। ठगों ने करीब नौ लाख, 98 हजार, 500 रुपये की ठगी को अंजाम दिया। पीड़ित दरोगा के मुताबिक 21 दिसंबर को उनके मोबाइल फोन पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक/पेंशन विभाग से जुड़ा अधिकारी बताया और पेंशन अपडेट की बात कही। बातों में उलझाकर आरोपी ने एक APK फाइल मोबाइल फोन पर भेजी और उसे इंस्टॉल करने को कहा। जैसे ही APK फाइल मोबाइल में इंस्टॉल हुई, साइबर ठगों को मोबाइल फोन और बैंकिंग ऐप्स तक पहुंच मिल गई। पीड़ित को भनक भी नहीं लगी और ठगों ने अगले ही दिन अपना खेल शुरू कर दिया। दरोगा के एसबीआई खाते से अलग-अलग छह ट्रांजैक्शन में कुल ₹9,98,500 रुपये निकाल लिए गए। पुलिस ने आईटी एक्ट समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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