आगरा अर्बन सेंटर में गैरप्रदूषणकारी उद्योग, पर्यटन और सतत विकास पर फोकस, दस लाख लोगों को मिलेगा रोजगार

आगरा,  29 जनवरी। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की गुरुवार को हुई बैठक में जिले में लगभग 14480 हेक्टे. भूमि में यीडा द्वारा विकसित किए जाने वाले आगरा अर्बन सेंटर के ड्राफ्ट मास्टर प्लान-2041 का प्रस्तुतीकरण दिया गया। अवगत कराया गया कि आगरा अर्बन सेंटर का विकास तीन चरणों में पूरा होगा। जिसमें गैरप्रदूषणकारी उद्योग लगाने, हाॅस्पीटेलिटी, पर्यटन, आई टी उद्योग और सतत विकास पर मुख्यतः फोकस रहेगा जिससे लगभग 10 लाख लोगों के लिए रोजगार सृजन होगा।
आगरा अर्बन सेंटर में लगभग 1878 हेक्टे क्षेत्र में आवासीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सेक्टर स्तर से एचआईजी, एमआईजी, एलआईजी और ईडब्लूएस हाउसिंग की प्लानिंग की गयी है जिसमें 12 से 15 लाख लोगों की रहने की सुविधा होगी। वहीं लगभग 3 हजार हेक्टे. में औद्योगिक क्षेत्र का विकास किया जाएगा। 405 हेक्टे. में पर्यटन क्षेत्र का दो जोन में डवलपमेंट किया जायेगा, जिसमें लक्जरी/बजट होटल, रिसोर्ट, एग्जीबिशन एण्ड ट्रेड सेंटर, रिवरफ्रन्ट, थीम पार्क, वेलनेस सेंटर आदि सुविधाएं विकसित होगीं। गोल्फ कोर्स, स्पोर्ट्स विलेज और बायोडायवर्सिटी पार्क की भी प्लानिंग की गयी है। हरित क्षेत्र विकसित करने हेतु सिटी लेवल के दो और डिस्ट्रिक लेवल पर चार पार्क बनेंगे। 256 मेगावाट क्षमता का सोलर पार्क तैयार किया जाएगा। हवाई, रेल, मेट्रो और हाइवे/एक्प्रेसवे से कनैक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए रोड़ नेटवर्क, इंटरचेंज और ट्रांसपोर्टेशन का विकास किया जाएगा। 
आगरा अर्बन सेंटर क्षेत्र में सीवरेज ट्रीटमेंट हेतु 7 एसटीपी बनाये जायेंगे जिनकी कुल क्षमता 335 एमएलडी की होगी। वहीं 375 एमएलडी पानी की आवश्यकता होगी जिसके लिए निचली गंगा नहर, यमुना नदी, रेन वाॅटर रिसोर्स पर निर्भर रहना होगा। 
पानी की आपूर्ति को लेकर मण्डल आयुक्त ने कहा कि नहर और नदी से ही पानी की मांग की पूर्ति संभव नहीं है, इसके लिए पुनः विचार कर सुदृढ़ व्यवस्था बनाये जाने की आवश्यकता है। वहीं टीटीजेड को ध्यान में रखते हुए आगरा परिक्षेत्र में 20 से कम प्रदूषण स्कोर वाले उद्योगों की स्थापना को ही वरीयता दी जाए। यीडा अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि इन सुझावों को अमल में लाते हुए ड्राफ्ट में शामिल किया जाएगा। आगरा अर्बन सेंटर का मास्टर प्लान फाइनल हो जाने के बाद इसे पब्लिश किया जाएगा जिसके बाद उसमें आपत्तियां मांगी जाएंगी। 
बैठक में यीडा सीईओ राकेश कुमार सिंह, मण्डल आयुक्त शैलेन्द्र कुमार सिंह, यीडा एसीईओ नागेन्द्र प्रताप सिंह, एसीईओ शैलेन्द्र कुमार, जिलाधिकारी अरविन्द मलप्पा बंगारी, नगरायुक्त अंकित खण्डेलवाल, एडीए उपाध्यक्ष एम. अरून्मौझी, मैट्रो प्रोजेक्ट निदेशक अरविंद राय, रोडवेज मैनेजर बी एल अग्रवाल, आरटीओ प्रशासन अरूण कुमार व आरटीओ प्रवर्तन अखिलेश द्विवेदी मौजूद रहे।
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