आगरा मंडल व्यापार संगठन ने एसजीएसटी एडिशनल कमिश्नर के समक्ष रखी व्यापारियों की समस्याएं

आगरा, 12 जनवरी। आगरा मंडल व्यापार संगठन द्वारा केंद्रीय वित्त मंत्री के नाम एक ज्ञापन सोमवार को एस जीएसटी के एडिशनल कमिश्नर गेड-वन को सौंपा। 
ज्ञापन में कहा गया कि आम उपभोक्ता एवं आम जनता के हित के लिए जो कदम जीएसटी के दो स्लैब काम करने आपके विभाग द्वारा पर उठाए गए हैं उससे आम उपभोक्ताओं को सस्ती दर पर उपयोगी वस्तुएं मिल पाएंगी जिससे सरकार का विजन साकार होगा, परंतु कुछ समस्याएं आम व्यापारियों को इससे उत्पन्न हुई है जैसे कि जो वस्तुएं अब तक 28, 18 व 12% के स्लैब में आ रही थी उसको घटकर 18 व 5 की श्रेणी में लाया गया है। आम व्यापारियों पर जो उच्च दर की जीएसटी अपने स्टॉक में अर्जित हो गई है उसको वह नीचे के स्लैब में बिक्री कर रहे हैं। उनको इस बीच के स्लैब के अंतराल में जो जीएसटी उनके खातों में जमा है उसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। विभाग का कहना है कि इसको आप मासिक रिटर्न में ही समायोजित कर सकते हैं जबकि यह रकम इतनी बड़ी है कि वह सालों तक समायोजित नहीं हो सकती, क्योंकि हर व्यापारी को अपने पास एक बफर स्टॉक रखना ही पड़ता है अतः 28% की वस्तुओं का 18% बेचने पर 10% या उससे अधिक का फर्क कैसे सामायोजित होगा जबकि व्यापारी को स्टॉक/बिक्री के लिए हर माह नई खरीद करनी ही पड़ती है।
संगठन ने वित्त मंत्री से मांग की कि उक्त समस्या को ध्यान में रखते हुए इनपुट क्रेडिट को रिफंड के रूप में दिलाया जाए, जिससे व्यापारियों को उनकी पूंजी का लाभ उनके व्यापार में मिल सके।
इसके अलावा संगठन ने रोजमर्रा के व्यवहार में आ रही निम्न मांगों को भी एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन के समक्ष रखा। 1 सीजीएसटी अधिनियम की धारा 74 के तहत की गई कार्रवाई के मामलों में ब्याज और जुर्माना माफी योजना लागू की जाए। 2 विभागीय अधिकारी बिना विधिक नोटिस या उचित प्रक्रिया के विभिन्न व्यापारिक संस्था व प्रतिष्ठानों पर बार-बार दबाव डालकर वसूली करवाई और कुर्की आदेश लागू कर रहे हैं। ऐसी अवैध वसूली और कुड़की कार्यवाहियों पर तुरंत रोक लगाई जाए और केवल विधिक प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाए। 3 वसूली के नाम पर बिना उचित कारण बताएं व्यापारियों के बैंक खाते फ्रीज किया जा रहे हैं यह न्याय संगत नहीं है। 4 वाणिज्य कर समयावधि की मांग वसूली ऐसी बादो में की जा रही है जिनकी पत्रावली ही उपलब्ध नहीं है ऐसे वाद/मांग पत्रों में या तो पत्रावली उपलब्ध कराई जाए या मांग पत्र समाप्त किया जाए। 5 वैट समय अवधि में रिफंड विभिन्न खंडों में लंबित हैं, उनका निस्तारण किया जाए।
प्रतिनिधि मंडल में संगठन के चरणजीत थापर, गिरीश चंद्र गोयल, अरविंद बंसल, प्रदीप लूथरा, रवि सिंघल, जितेंद्र गौतम आदि थे।
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