आयकर विभाग ने अंत समय तक बरती अत्यधिक गोपनीयता, मिल्क प्रोडक्ट फर्मों पर छापे की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी, बेनामी संपत्तियों, विदेशी निवेश की जांच

आगरा, 16 जनवरी। तीन राज्यों में डेयरी कारोबारी और उससे जुड़े लोगों के 35 ठिकानों पर आयकर विभाग ने गुरुवार को छापेमारी शुरू करने से पहले अत्यधिक गोपनीयता बरती। सूत्रों का दावा है कि जांच टीमों को अंतिम समय तक यह भनक नहीं लगने दी गई कि उन्हें कहां कार्रवाई करनी है। 
छापे का निर्देशन कर रहे अधिकारीगणों ने सतर्कता और गोपनीयता बरतते हुए अपनी टीमों को पहले शहर के बाहरी इलाकों में भेजा और उसके बाद अचानक उन्हें लक्षित परिसरों पर पहुंचने के लिए कहा गया। सभी टीमों ने अपने-अपने लक्ष्यों पर पहुंचकर परिसरों को अपने नियंत्रण में ले लिया। कार्यालयों और घरेलू कर्मचारियों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई। टीमों ने इन परिसरों में मौजूद दस्तावेजों और बहुमूल्य वस्तुओं को अपनी निगरानी में ले लिया।
गुरुवार सुबह से चल रही पड़ताल शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी है। विभागीय टीमों द्वारा आय-व्यय से जुड़े दस्तावेजों, कम्प्यूटर विवरणों और संपत्ति की जांच की जा रही है। आयकर विभाग ने घी कारोबारियों की पांच फर्मों के 35 ठिकानों पर देशभर में सर्च शुरू की थी। इन फर्मों में आनंदा डेयरी, भोलेबाबा डेयरी, कमलानगर निवासी गौरव बंसल की दौसा स्थित दाऊजी मिल्क प्रोडक्ट्स, अमन व अभिषेक जैन की सिरसागंज स्थित पोद्दार मिल्क प्रोडक्ट्स फर्म शामिल हैं। इनके आगरा, दिल्ली, कानपुर, अलीगढ़, सिरसागंज, जोधपुर, बीकानेर, दौसा और धौलपुर स्थित व्यावसायिक परिसरों और रिहायशी ठिकानों पर जांच जारी है।
विभागीय सूत्रों का दावा है कि जांच के दौरान अधिकारियों को दाऊजी मिल्क प्रोडक्ट्स और पोद्दार मिल्क प्रोडक्ट्स के परिसरों से ऐसे दस्तावेज हाथ लगे हैं जो मिलावटखाेरी के बड़े रैकेट की ओर इशारा कर रहे हैं। इन दस्तावेज में नकली घी बनाने और खपाने से संबंधित जानकारियां शामिल हैं। अधिकारी फिलहाल जांच पर फोकस कर रहे हैं। चूंकि नकली घी बनाकर बेचा जा रहा था, ऐसे में कर चोरी का आंकड़ा अब अनुमान से ज्यादा हो सकता है। इस जांच के बाद आयकर विभाग के अधिकारी खाद्य उत्पादों की निगरानी से जुड़े विभागों को लिखित में जानकारी उपलब्ध कराएंगे।
देसी घी बनाने वाली फर्मों के माल को राजस्थान में खपाने वाले ट्रेडर्स को भी जांच टीमों ने अपने निशाने पर लिया है। मार्केट में खपाने वाले बीकानेर के आशीष अग्रवाल ग्रुप और जोधपुर के मलानी ग्रुप के ठिकानों पर भी आयकर विभाग की टीमें सर्च कर रही हैं। सर्च में बेनामी संपत्तियां, विदेशी निवेश के साक्ष्य भी मिले हैं। अधिकारियों का कहना है कि नकली घी को बड़े नेटवर्क के जरिये खपाकर करोड़ों रुपये की कर चोरी की गई है।
विभागीय अधिकारी सर्च लंबी चलने का दावा कर रहे हैं।
पूरी जांच आयकर विभाग के प्रधान आयकर निदेशक अन्वेषण, कानपुर अजय कुमार शर्मा के नेतृत्व और अपर आयकर निदेशक अन्वेषण, आगरा पीयूष कोठारी व उपनिदेशक आयकर अन्वेषण, आगरा हार्दिक अग्रवाल के निर्देशन में की जा रही है। इसमें 150 आयकर अधिकारी व कर निरीक्षक शामिल हैं। 
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