सोलो राइडर डॉ मुकेश चौहान ने शुरू की बीस हजार किमी की श्रीराम वन गमन पथ यात्रा
आगरा, 16 जनवरी। सोलो राइडर डॉ मुकेश चौहान की
श्रीराम वन गमन पथ यात्रा शुक्रवार को सेठ पदम चंद संस्थान, खंदारी से शुरू हुई। अयोध्या से लंका तक की 20,000 किलोमीटर की इस सोलो राइड का उद्देश्य भगवान श्रीराम के वनवास से जुड़े ऐतिहासिक व पावन स्थलों की स्मृति को सजीव करना तथा युवाओं को भारतीय संस्कृति, मूल्यों और आदर्शों से जोड़ना है।
यात्रा के शुभारंभ अवसर पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए बड़ी संख्या में श्रद्धालु, रामभक्त, युवा एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। 'जय श्री राम' के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय हो गया।
इस अवसर पर डॉ मुकेश चौहान ने बताया कि उन्होंने राम वन गमन पथ के लगभग 200 से 300 प्रमुख स्थलों को चिन्हित किया है, जहां-जहां भगवान राम ने अपने वनवास काल में समय बिताया। इस यात्रा के माध्यम से वे उन स्थलों पर जाकर अपनी आस्था को सुदृढ़ करने तथा आत्मिक अनुभव प्राप्त करने का संकल्प है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की कुलपत्ति प्रोफेसर आशु रानी ने की। उन्होंने कहा कि इस यात्रा में शोध की संभावनाएं अपार हैं, जिन्हें यात्रा के दौरान खोज कर समाज एवं शोधार्थियों तक पहुंचाया जाएगा। यात्रा संयोजक नवीन अग्रवाल ने बताया कि श्रीराम वन गमन पथ की यह यात्रा भगवान श्री राम के पदचिन्हों को स्पर्श करने का माध्यम है। आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ मुकेश गोयल, वरिष्ठ फिजीशियन प्रोफेसर ए.के. गुप्ता, अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुपम गुप्ता ने भी विचार व्यक्त किए। संचालन प्रो ब्रजेश रावत ने किया।
इस अवसर पर डॉ. शरद गुप्ता, डॉ शिखा गुप्ता, मनोज जादौन, जतिन अग्रवाल, प्रो दीपा रावत, डॉ श्वेता चौधरी, पूजा अग्रवाल, प्रखर अग्रवाल, संचिता अग्रवाल, गोपाल, विजय कुमार, प्रदीप पुरी, प्रो बिन्दु शेखर शर्मा, प्रो भूपेन्द्र स्वरूप शर्मा, प्रो अनिल गुप्ता, प्रो एसके जैन, अरविन्द गुप्ता, सुनील कपूर, डॉ बी एस चौहान, डॉ सुमंत सिंह, अमित अग्रवाल, डॉ सीपी गुप्ता, कपिल उपस्थित रहे।
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