पूर्व कर्मचारी ने भाई और पिता के साथ मिलकर की थी फुटवियर फर्म से 97 लाख की चोरी, पुलिस ने नहीं माना चोरी को 22 लाख दिखाने का दबाव
आगरा, 07 जनवरी। हींग की मंडी स्थित व्यावसायिक परिसर प्रकाशवंती पैलेस में संचालित हरमीरा शू होलसेलर में हुई चोरी करोड़ों रुपये के कैश कारोबार का बड़ा खुलासा भी बन गई। पुलिस ने चौबीस घंटे के भीतर चोरी का खुलासा करते हुए फर्म के पूर्व कर्मचारी, उसके भाई और पिता को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से ₹96,95,500/- (छियानबे लाख, पिचानवे हजार, पाँच सौ रुपये) चोरी की रकम बरामद की। व्यापारी ने करीब 22 लाख रुपये चोरी की ही प्राथमिकी दर्ज कराई थी। लेकिन बड़ी बरामदगी होने पर व्यापारी ने स्वीकार किया कि उनके यहां इतनी बड़ी रकम का लेन-देन होता था। हालांकि एक व्यापारी नेता ने पुरजोर कोशिश की कि पूरी रकम का खुलासा न किया जाए, लेकिन पुलिस ने दबाव नहीं माना। अब पुलिस बड़ी रकम की बरामदगी की जानकारी टैक्स वसूली विभागों को देने जा रही है।
पूरे घटनाक्रम की जानकारी बुधवार को मीडिया को देते हुए डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि इस खुलासे के लिए पुलिस कमिश्नर द्वारा पुलिस टीम को ₹25,000/- नकद पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया। उन्होंने बताया कि इस चोरी को फर्म के पूर्व कर्मचारी नीरज ने अपने भाई आकाश और पिता अशोक के साथ मिलकर अंजाम दिया। नीरज ने पंद्रह दिन पहले ही नौकरी छोड़ी थी। उसे फर्म के लेन-देन की जानकारी थी। हरमीरा शू होलसेलर फर्म को खेमचंद वंजानी और हरीश चंद वंजानी, दो सगे भाई, संयुक्त रूप से संचालित करते हैं। फर्म की देशभर में सप्लाई बताई जाती है और प्रतिदिन करोड़ों रुपये की बिक्री का दावा किया जाता है। मौके पर पहुंची पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में दिखा कि चोर रात करीब 1:30 बजे हरमीरा शू में चोरी कर गली से निकले, रात 2:30 बजे उन्होंने बिजलीघर चौराहे से किराये पर ऑटो लिया। इसी आधार पर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए लोहामंडी और शाहगंज क्षेत्र से चोरों को उठा लिया। चोरों के पास से बोरे में भरी नकदी बरामद हुई।
यह कार्रवाई थाना मदन मोहन गेट, नाई की मंडी पुलिस एवं साइबर सर्विलांस/काउंटर इंटेलिजेंस टीम की संयुक्त टीम द्वारा की गई।
पुलिस ने नहीं माना दबाव
चोरों से 97 लाख रुपये की नकदी बरामद होने के बाद पुलिस पर दबाव डाला गया कि बरामद रकम को 20–22 लाख तक ही दिखाया जाए, लेकिन पुलिस ने दबाव नहीं माना। चोरों की गिरफ्तारी और भारी नकदी बरामदगी की खबर मिलते ही हींग की मंडी का एक व्यापारी नेता भी मौके पर पहुंच गया। आरोप है कि इस व्यापारी नेता ने पुलिस पर दबाव बनाया कि केवल 20–22 लाख रुपये की चोरी ही दर्शाई जाए और शेष रकम का खुलासा न किया जाए। सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं से भी दबाव डलवाने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस ने किसी दबाव को स्वीकार नहीं किया और पूरी रकम की बरामदगी का खुलासा कर दिया। करीब 97 लाख रुपये की नकद बरामदगी से यह साफ हो गया है कि हींग की मंडी में बड़े पैमाने पर नकद में लेन-देन हो रहा है।
इस बरामदगी के बाद आयकर विभाग और जीएसटी विभाग सक्रिय हो सकते हैं। इसी आशंका के चलते हींग की मंडी से जुड़े कई अन्य ट्रेडर्स में खलबली है और वे अपने खातों को दुरुस्त करने में जुट गए हैं।
गौरतलब है कि कुछ महीनों पहले आगरा के ही एक अन्य शू ट्रेडर के यहां से करोड़ों रुपये कैश और करोड़ों की पर्चियां मिली थीं। बाद में वह मामला रफा-दफा हो गया और कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
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