शिकायत दर्ज करने वाले से संपर्क किए बिना “समस्या का समाधान हो गया” रिपोर्ट आईजीआरएस पर अपलोड कर दी गई, डीएम ने 11 अफसरों को भेजा नोटिस

आगरा, 04 जनवरी। जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने जनशिकायतों के निस्तारण में बरती जा रही गंभीर लापरवाही पर अपर नगरायुक्त सहित 11 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
बुनियादी समस्याओं से जुड़ी शिकायतों का सही समाधान न होने और शिकायतकर्ता से बात किए बिना ही रिपोर्ट लगाने के मामलों का खुलासा होने के बाद जिलाधिकारी ने कदम उठाया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच में सामने आया कि कई विभागों में शिकायतों का निस्तारण सिर्फ फाइलों तक सीमित रहा। शिकायत दर्ज करने वाले नागरिकों से संपर्क किए बिना ही “समस्या का समाधान हो गया” जैसी रिपोर्ट आईजीआरएस पोर्टल पर अपलोड कर दी गई। इस लापरवाही का सीधा असर प्रदेश स्तर की आईजीआरएस रैंकिंग पर पड़ा है, जहां आगरा दिसंबर माह में फिसलकर 42वें स्थान पर पहुंच गया।
डीएम के अनुसार, 11 विभागों में शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया में गंभीर खामियां पाई गई हैं। इसे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल मानते हुए सभी संबंधित अधिकारियों से तय समय सीमा में स्पष्टीकरण मांगा गया है। चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
नोटिस पाने वालों में सीएमओ, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, परियोजना अधिकारी डूडा, प्रभागीय वन अधिकारी, सहायक निबंधक सहकारिता, सहायक महानिरीक्षक निबंधन, जिला क्षय रोग अधिकारी, उप निदेशक निर्माण मंडी परिषद और अपर नगरायुक्त शामिल हैं। इसके अलावा उपायुक्त वाणिज्य कर, जिला आबकारी अधिकारी और जिला डाक अधीक्षक से भी जवाब तलब किया गया है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जल्द ही शिकायत निस्तारण व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी विभागों की जवाबदेही तय की जाएगी।
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