बीमा कंपनी की मनमानी पर उपभोक्ता आयोग का हंटर, 5.75 लाख का क्लेम ब्याज सहित देने का आदेश

आगरा, 03 नवम्बर। वाहन बीमा क्लेम खारिज करने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, प्रथम ने एक अहम फैसला सुनाते हुए बीमा कंपनी को जमकर फटकार लगाई है। आयोग ने कोटक महिंद्रा जनरल इंश्योरेंस कंपनी की ओर से क्लेम बंद करने को अनुचित व्यापारिक व्यवहार और सेवा में कमी मानते हुए परिवादी को पूरी रकम ब्याज सहित देने का आदेश दिया है।
आयोग के अध्यक्ष माननीय सर्वेश कुमार और सदस्य राजीव सिंह की पीठ ने 28 अक्टूबर, 2026 को सोनू अग्रवाल बनाम आत्माराम ऑटो एंटरप्राइजेज और कोटक महिंद्रा जनरल इंश्योरेंस कंपनी के मामले में यह निर्णय पारित किया।
क्या था पूरा मामला?
परिवादी सोनू अग्रवाल की महिंद्रा बोलेरो पिकअप (यूपी 83 सी टी 2981) में 24 नवंबर 2022 को धौलपुर में वायरिंग शॉर्ट होने से आग लग गई थी, जिससे वाहन का इंजन पूरी तरह खराब हो गया था। वाहन का बीमा कोटक महिंद्रा जनरल इंश्योरेंस कंपनी में था और उसकी कुल बीमित राशि (IDV) 6,20,000 रुपये थी।
क्षतिग्रस्त वाहन को मरम्मत के लिए अधिकृत वर्कशॉप आत्माराम ऑटो एंटरप्राइजेज ले जाया गया, जहां मरम्मत का कुल खर्च 5,75,135 रुपये बताया गया। परिवादी ने मरम्मत के लिए वर्कशॉप में 1,00,000 रुपये जमा भी करा दिए थे। लेकिन बीमा कंपनी ने आवश्यक दस्तावेजों के अभाव का हवाला देकर 13 जुलाई 2023 को क्लेम बंद कर दिया। इस बीच वर्कशॉप ने वाहन खड़ा रहने के एवज में 1000 रुपये प्रतिदिन पार्किंग शुल्क वसूलने की मांग शुरू कर दी।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिया हवाला
आयोग ने सभी साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद कहा कि बीमा कंपनी का क्लेम बंद करना अनुचित है। आयोग ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय के चर्चित निर्णय गुरमेल सिंह बनाम ब्रांच मैनेजर नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड 2022 का हवाला देते हुए कहा कि बीमा कंपनियों को क्लेम निपटाते समय बहुत अधिक तकनीकी नहीं होना चाहिए और ऐसे दस्तावेज नहीं मांगने चाहिए जो परिवादी के नियंत्रण से बाहर हों।
आयोग ने सुनाया ये फैसला
1.  कोटक महिंद्रा जनरल इंश्योरेंस कंपनी परिवादी को मरम्मत की पूरी राशि 5,75,135 रुपये 30 अप्रैल 2023 से 6 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज के साथ देगी।
2.  मानसिक व आर्थिक पीड़ा के लिए 50,000 रुपये और वाद व्यय के लिए 10,000 रुपये अतिरिक्त देगी।
3.  वर्कशॉप की 1000 रुपये प्रतिदिन पार्किंग चार्ज की मांग को आयोग ने खारिज कर दिया। आदेश दिया कि परिवादी द्वारा बकाया 4,75,135 रुपये जमा करने पर वर्कशॉप वाहन को चालू हालत में सुपुर्द करेगा।
4.  यदि वर्कशॉप वाहन देने में विफल रहता है, तो उसे परिवादी को 1000 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से क्षतिपूर्ति देनी होगी।
5.  यदि बीमा कंपनी तय समय में भुगतान नहीं करती है, तो उसे छह प्रतिशत के बजाय नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा।
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