आगरा शिक्षक एमएलसी चुनाव में सपा का परचम, डॉ. आकाश अग्रवाल ने भाजपा को हराकर लगातार दूसरी बार जीती सीट
आगरा, 28 अक्टूबर। आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन-2026 में समाजवादी पार्टी ने भाजपा को फिर पटखनी दे दी है। सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल लगातार दूसरी बार शिक्षक एमएलसी चुने गए हैं। रिटर्निंग ऑफिसर/मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने उन्हें विजयी प्रमाण पत्र सौंपा।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आगरा मंडल सहित 12 जिलों में हुए इस चुनाव में 27,737 वैध मतों की गिनती हुई। प्रथम वरीयता में किसी भी प्रत्याशी को 50% से अधिक वोट नहीं मिल पाने के कारण द्वितीय वरीयता की गिनती तक मामला गया, लेकिन अंत में सपा प्रत्याशी ने बाजी मार ली।
प्रथम वरीयता की मतगणना में सपा के डॉ. आकाश अग्रवाल को 13,087 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी हरि किशोर तिवारी को 9,337 वोटों पर संतोष करना पड़ा।
सूचना विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आगरा खण्ड शिक्षक निर्वाचन में कुल मत 29865 पड़े। इनमें डॉ आकाश अग्रवाल (वित्त विहीन वाले) को 14046 और हरि किशोर तिवारी को 9783 मत मिले। कुल 2128 मत अस्वीकृत हुए।
वित्तविहीन शिक्षक गुट से आने वाले डॉ. आकाश अग्रवाल की यह लगातार दूसरी जीत है, जिसे सपा के लिए शिक्षक वर्ग में बड़ी पकड़ के तौर पर देखा जा रहा है।
इससे पूर्व मतगणना के दौरान मंगलवार रात माहौल गरमा गया। रात करीब डेढ़ बजे सपा और भाजपा समर्थक आमने-सामने आ गए और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट के आरोप लगाए। हंगामे के चलते मतगणना रोकनी पड़ी। रात में सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल समर्थकों के साथ पंडाल से बाहर निकले। उनका कुर्ता फटा हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा प्रत्याशी की ओर से पुनर्मतगणना के लिए प्रार्थना पत्र दिया जा रहा था, इसी दौरान भाजपा समर्थकों ने उन पर हमला कर कुर्ता फाड़ दिया। उन्होंने कहा कि यह हार की बौखलाहट में किया गया हमला है और पुलिस-प्रशासन मूकदर्शक बना रहा।
कुछ देर बाद ही भाजपा प्रत्याशी हरिकिशोर तिवारी भी समर्थकों के साथ बाहर निकले और सपा समर्थकों पर गुंडई का आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस सपा समर्थकों पर कार्रवाई नहीं कर रही है। जब तक कार्रवाई नहीं होगी, वे मतगणना पंडाल में नहीं जाएंगे। दोनों पक्षों में तनाव बढ़ता देख पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन बात नहीं बनी। रात पौने दो बजे तक भाजपा प्रत्याशी धरने पर बैठे रहे। इस दौरान सपा समर्थकों का आरोप रहा कि उनके प्रत्याशी चार हजार वोटों से जीत चुके हैं, लेकिन प्रशासन जानबूझकर परिणाम घोषित करने में देरी कर रहा है। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस आयुक्त दीपक कुमार मौके पर पहुंचे और भाजपा प्रत्याशी से बात कर उन्हें समझा-बुझाकर पांडाल में वापस ले गए, जिसके बाद मतगणना दोबारा शुरू हो सकी।
इस घटना को लेकर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया पर कड़ी आपत्ति जताई और राष्ट्रपति और चुनाव आयोग से दखल देने की मांग की।
सुबह करीब पांच बजे भाजपा के हरिकिशोर तिवारी अपने समर्थकों के साथ मतगणना स्थल से चले गए।
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