किसानों का हंगामा, धक्का-मुक्की में सिटी मजिस्ट्रेट और थाना प्रभारी जमीन पर गिरे - SIR के विरोध में कर रहे थे प्रदर्शन

आगरा, 23 अक्टूबर। भारतीय किसान यूनियन टिकैत और संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारी शुक्रवार को SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस से तीखी झड़प हो गई, जिसमें धक्का-मुक्की में सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार और थाना प्रभारी जमीन पर गिर पड़े।
क्या है पूरा मामला?
भारतीय किसान यूनियन टिकैत और संयुक्त किसान मोर्चा के कार्यकर्ता शुक्रवार सुबह मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया के विरोध में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने जा रहे थे। मतदान प्रक्रिया चलने के कारण पुलिस ने एहतियातन सभी पदाधिकारियों को थाना नाई की मंडी में बैठा लिया था।
किसानों को जिलाधिकारी मनीष बंसल ने सुबह 11:30 बजे कलक्ट्रेट में मिलने का समय दिया था, लेकिन तय समय पर डीएम नहीं पहुंचे। दोपहर 12 बजे तक थाने पर कोई अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं आया, जिससे किसानों में आक्रोश फैल गया।
कलेक्ट्रेट मार्च रोकने पर बवाल
अधिकारी के न आने से नाराज होकर किसान नेता राजवीर लवानिया के नेतृत्व में सभी कार्यकर्ता थाने से निकलकर कलक्ट्रेट की ओर मार्च करने लगे। पुलिस ने उन्हें थाने के गेट पर ही रोकने की कोशिश की, लेकिन किसान आगे जाने की जिद पर अड़ गए।
इसी बीच सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार मौके पर पहुंचे और किसानों से ज्ञापन वहीं थाने पर ही देने को कहा। लेकिन किसान कलेक्ट्रेट जाकर ही ज्ञापन देने की मांग पर अड़े रहे। इसी खींचतान और धक्का-मुक्की के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार और थाना प्रभारी अपना संतुलन खोकर जमीन पर गिर पड़े। इस अफरा-तफरी में भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष राजवीर लवानिया के हाथ में भी चोट आ गई।
मामला बढ़ता देख पुलिस ने अतिरिक्त बल बुला लिया। बाद में सुभाष पार्क के सामने सिटी मजिस्ट्रेट ने किसानों से ज्ञापन लिया और उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया। किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वह बड़ा आंदोलन करेंगे।
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