मुख्य चुनाव आयुक्त के घर कालिख कांड: छह कांग्रेसी जेल से रिहा, धारा 307 हटी, जेल गेट पर हंगामा

आगरा, 04 अक्टूबर। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के आगरा स्थित पैतृक आवास पर कालिख पोतने और 'गद्दार-वोट चोर' लिखने के मामले में जेल गए छह कांग्रेस कार्यकर्ता रविवार की सुबह जिला जेल से रिहा हो गए। शनिवार को सीजेएम कोर्ट ने सभी को जमानत दे दी और पुलिस द्वारा लगाई गई गंभीर धारा 307 (हत्या के प्रयास) को हटाने के आदेश दिए।
गौरतलब है कि विगत 28 सितंबर को विजय नगर कॉलोनी स्थित सीईसी ज्ञानेश कुमार के विजय नगर कॉलोनी स्थित पैतृक आवास पर कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य गेट पर कालिख पोती और आपत्तिजनक नारे लिखे। नारेबाजी करते हुए मौके से चले गए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर हड़कंप मच गया।
पुलिस ने आगरा-दिल्ली हाईवे पर घेराबंदी कर कांग्रेस के प्रदेश सचिव अनिल यादव, मथुरा जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर, शाहबाज समेत 6 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस ने 307 समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया था, जिस पर कांग्रेस ने राजनीतिक द्वेष का आरोप लगाया था।
रविवार सुबह नौ बजे से ही जिला जेल के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लग गया। भारी पुलिस बल तैनात था। जैसे ही अनिल यादव, मुकेश धनगर और शाहबाज जेल से बाहर निकले, समर्थकों ने ढोल-नगाड़े के साथ फूल-मालाओं से स्वागत किया और 'कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद' के नारे लगाने लगे।
कार्यकर्ता जेल से शहर तक जुलूस निकालने की तैयारी में थे। पुलिस ने इसकी अनुमति न होने का हवाला देकर रोक दिया। नारेबाजी और जुलूस को लेकर पुलिस और कांग्रेसियों में तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। बाद में पुलिस ने सभी को जबरन गाड़ियों में बैठाकर रवाना कर दिया और भीड़ को खदेड़ दिया।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया था, उन पर 307 जैसी धारा लगाना दुर्भावनापूर्ण था, कोर्ट ने न्याय किया है।
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