शिक्षक एमएलसी चुनाव में बूथ कैप्चरिंग पर चुनाव आयोग सख्त, छह अधिकारी सस्पेंड; 21 कर्मियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई

आगरा, 26 अक्टूबर। आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन में बूथ कैप्चरिंग और गड़बड़ी पर निर्वाचन आयोग ने बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार को तीनों विवादित बूथों पर पुनर्मतदान के कुछ देर बाद ही आयोग ने फतेहाबाद और सैंया ब्लॉक के प्रशासन और पुलिस के छह अधिकारियों को निलंबित कर दिया।
दोनों बूथों के दो पीठासीन अधिकारियों, तीन मतदान कर्मियों और 16 सिपाहियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश भी दिए गए हैं। आयोग ने 10 दिन में आरोपपत्र का मसौदा तलब किया है।
क्या था मामला?
23 अक्टूबर को आगरा में 24 बूथों पर शिक्षक एमएलसी चुनाव के लिए मतदान हुआ था। आगरा खंड में कुल 150 बूथ और 50 हजार मतदाता हैं। फतेहाबाद ब्लॉक के कक्ष संख्या एक के बूथ नंबर 26 और सैंया ब्लॉक के कक्ष संख्या एक के बूथ नंबर 21 पर हंगामा हुआ था और बैलेट पेपर सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे। सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने रिटर्निंग अधिकारी और मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप से बूथ कैप्चरिंग की शिकायत की थी, जिसके बाद आयोग ने रिपोर्ट मांगी थी।
कौन हुए निलंबित?
_फतेहाबाद ब्लॉक, बूथ संख्या 26:_
- सेक्टर मजिस्ट्रेट विशाल राठौर, प्रभागीय वनाधिकारी
- सेक्टर पुलिस अधिकारी पुरुषोत्तम लाल, अपर निरीक्षक फतेहाबाद
- उप निरीक्षक सुमित त्यागी, थाना एकता
_सैंया ब्लॉक, बूथ संख्या 21:_
- सेक्टर मजिस्ट्रेट ओपी चक, जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी
- सेक्टर पुलिस अधिकारी हरिशरण सिंह, निरीक्षक क्राइम ब्रांच
- उप निरीक्षक संदीप कुमार, थाना एत्माद्दौला
रिटर्निंग अधिकारी नगेंद्र प्रताप ने मीडिया को बताया कि 16 पुलिसकर्मियों में पांच मुख्य आरक्षी और 11 सिपाही शामिल हैं। खेरागढ़ तहसील के कक्ष संख्या एक के बूथ नंबर 20 पर पुनर्मतदान तो हुआ, लेकिन आयोग ने वहां कोई कार्रवाई नहीं की है।
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