डीजीपी के पीआरओ का दोस्त बताकर ठगी, 12वीं पास ठग गिरफ्तार, आठ बेरोजगारों से सवा करोड़ ठगे
आगरा, 10 अक्टूबर। खुद को समाजसेवी और डीजीपी के पीआरओ का करीबी बताकर नौकरी के नाम पर ठगने वाले शातिर को साइबर क्राइम थाने ने गिरफ्तार किया है। आरोपी 12वीं पास वीरू निवासी रौनक एंक्लेव, शमसाबाद रोड है। पुलिस के मुताबिक उसने आठ बेरोजगारों से सवा करोड़ से अधिक ठगी कबूल की है।
खबरों के अनुसार, मामला सदर के मुस्तफा क्वार्टर निवासी अरविंद सक्सेना की शिकायत पर खुला। अरविंद की पत्नी सरकारी शिक्षिका हैं। बीएलओ कार्य के दौरान वीरू से मुलाकात हुई। वीरू ने लखनऊ में पकड़ और डीजीपी के पीआरओ से दोस्ती का दावा कर भरोसा जीता।
अरविंद के बेटे ने पुलिस में लिपिक पद की परीक्षा दी थी। वीरू ने नौकरी लगवाने की सेटिंग का झांसा देकर 13.25 लाख रुपये ले लिए। भरोसा बनाए रखने के लिए साथी राज शर्मा को डीजीपी का पीआरओ बताकर बात कराई और व्हाट्सएप पर फर्जी रिजल्ट की पीडीएफ भेज दी। नौकरी न मिलने पर शिकायत हुई।
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने मीडिया को बताया कि आरोपी ने यूपी और राजस्थान में आठ बेरोजगारों से सवा करोड़ से अधिक ठगी की वारदात कबूल की हैं। आरोपी पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, उत्तर प्रदेश सचिवालय, मेट्रो, धौलपुर में बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय समेत कई विभागों में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करता था।
साइबर क्राइम थाना पुलिस ने केस दर्ज कर वीरू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। साथी राज शर्मा फरार है। पुलिस नेटवर्क और अन्य पीड़ितों की जांच कर रही है।
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