लक्ष्मी नारायण मंदिर में बही राम भक्ति की अमृतधारा, सुंदरकांड से भाव-विभोर हुए भक्त
आगरा, 22 सितंबर। लक्ष्मी नारायण मंदिर, बंबई वाली बगीची में मंगलवार की शाम राम भक्ति रस की त्रिवेणी बही। रामायण रिसर्च काउंसिल, निर्मल लिटरेचर एंड म्यूजिक फाउंडेशन और आनंदमयी माँ मानस परिवार ने आयोजन किया।
रामायणी सम्मान से विभूषित पंडित योगेश चंद्र शर्मा 'योगी', अजय पाठक, योगेश भसीन और विनय तिवारी ने संगीतमय सुंदरकांड का गायन कर समां बांध दिया। 'मंगल भवन अमंगल हारी' से शुरू हुआ पाठ 'रामकाज कीन्हे बिना मोहि कहां विश्राम' पर पहुंचा तो मंदिर जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा।आचार्य गौरव शुक्ला (कानपुर) ने व्यास पूजन किया।
अयोध्या से आए संत मिथिलेशशरण नंदिनी ने कहा कि योगेश जी मानस को गाते ही नहीं, शब्द-शब्द की अर्थछवि उद्भासित करते हैं। बल्केश्वर धाम के महंत कपिल नागर ने आशीर्वाद दिया।
संस्कार भारती, ऑथर्स गिल्ड, ब्राह्मण महासभा सहित एक दर्जन संस्थाओं ने योगेश शर्मा का नागरिक अभिनंदन किया। संचालन राकेश निर्मल ने किया, आभार देवदत्त शर्मा ने जताया। डॉ. गिरीश गुप्ता, रमा वर्मा, आचार्य दाऊदयाल शास्त्री, राज बहादुर सिंह राज, डॉ. कुसुम चतुर्वेदी, मधु भारद्वाज समेत कई साहित्यकार मौजूद रहे।
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