बुरे फंसे कांग्रेसी! दंगा, जानलेवा हमला समेत कई गम्भीर धाराओं में केस दर्ज, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास पर हमले चार और गिरफ्तार, शेष की तलाश जारी
आगरा, 29 सितम्बर। यहां विजय नगर कॉलोनी स्थित मुख्य चुनाव आयुक्त के पैतृक आवास पर प्रदर्शन करने और दीवार, गेट पर स्प्रे पेंट से वोट चोर लिखने पर कांग्रेसी फंस गए हैं। कांग्रेस नेताओं पर दंगा, जानलेवा हमला समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने देर रात तक चार और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले अनिल यादव और मुकेश धनगर को जेवर टोल से पकड़ लिया गया था। देर रात तक पुलिस ने राजेश, मनोज गौड़, पंकज और राजा गौतम को भी गिरफ्तार कर लिया।
मामले में आठ नामजद आरोपियों के अलावा करीब 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने जानलेवा हमला, रास्ता अवरोध, सरकारी कार्य में बाधा, गृह अतिचार, दंगा, मारपीट, जान से मारने की धमकी, सात क्रिमनल लॉ अमिडमेंट एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
मुकदमे में एसआई गौरव गुप्ता ने कहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त के पैतृक आवास पर उनके बुजुर्ग माता-पिता रहते हैं। करीब 20-25 लोग उनके घर प्रदर्शन करने पहुंचे। गेट पर कालिख पोत रहे थे। होमगार्ड दिनेश कुमार ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो आरोपियों ने घेर लिया। उसे धक्का देकर जान से मारने का प्रयास किया। हमलावरों ने लोहे की रॉड से होमगार्ड के सिर पर प्रहार किया। मुकदमे में मुकेश धनगर, अनिल यादव, राजेश, मनोज गौड़, करण सिंह निषाद, विक्रम वाल्मीकि, उमेश शर्मा, राजा गौतम को नामजद किया है।
गौरतलब है कि सोमवार को प्रदर्शनकारियों ने
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विजय नगर कॉलोनी स्थित पैतृक आवास के गेट और दीवार पर कालिख पोत दी थी। काले स्प्रे पेंट से वोट चोर और आपत्तिजनक नारे के साथ ही ज्ञानेश कुमार का नाम लिखकर इस्तीफे की मांग की थी। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने हंगामा करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित किया और गेट को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की।
दोपहर करीब तीन बजे दिल्ली जाते समय पुलिस ने जेवर टोल प्लाजा से दोनों कांग्रेस नेताओं अनिल और मुकेश को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद रात तक चार आरोपी और गिरफ्तार कर लिए गए। पुलिस अब मुकदमे में नामजद अन्य आरोपियों और प्रदर्शन के दौरान मौजूद रहे अज्ञात लोगों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों, वीडियो फुटेज और अन्य माध्यमों से प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस की जांच और गिरफ्तारियों का सिलसिला आगे भी जारी रहने की संभावना है।
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