साहित्य और संगीत के संग सजी बैठकी, तकनीक के दौर में 'सेव फैमिली' अभियान की उठी मांग

आगरा, 27 सितम्बर। धरा चेतना फाउंडेशन द्वारा 26 सितंबर की शाम मीनाबाग, दयालबाग स्थित सांस्कृतिक सभागार में साहित्य और संगीत की महफिल 'बैठकी' का आयोजन किया गया। युवा और बाल कलाकारों की प्रस्तुतियों ने शाम को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत शारदा वंदना से हुई, जिसे हर्षित और साथियों ने प्रस्तुत किया। तबले पर आशु और बांसुरी पर अक्षय यादव ने शानदार संगत की।
'सेव फैमिली' अभियान की उठी मांग
विशिष्ट अतिथि डॉ. नवीन गुप्ता ने कहा कि तकनीक के इस दौर में परिवार पीछे छूट रहे हैं। सबको अब "सेव फैमिली" अभियान चलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि साहित्य और संगीत का शरीर और मन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। दुख भरे गीत भी इंसान को राहत देते हैं।
संस्था अध्यक्ष दीपाली सिंह ने कहा कि साहित्य जीवन में बड़ी भूमिका निभाता है, हर धर्म का मार्गदर्शन कोई पवित्र पुस्तक ही करती है। सचिव अक्षय कुमार ने कहा कि कबीर और रहीम जैसे रचनाकारों ने ही आम लोगों को जीवन दर्शन दिया है।
 
भजन और कविताओं ने बांधा समां
युवा कलाकार हर्षित पाठक, अक्षय और गति सिंह ने _मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है, करती हो श्री राधे..._ भजन से मन मोह लिया। गायिका बीके रश्मि सिंह ने सुनाया - _बनाया प्रभु ने अपना..._। कवि ईशान देव ने सुनाया - _जो शाश्वत भारत के व्रत को निभा रही है..._ तो कवयित्री ऋचा जैन ने _हम एक दूसरे से इतने अनजान क्यों हैं..._ कविता से तालियां बटोरीं। बालिका समृद्धि माहेश्वरी ने 'समय का महत्व' कहानी सुनाई। अनिरुद्ध गोयल ने की-बोर्ड पर प्रस्तुति दी।
इस मौके पर डॉ. वेद त्रिपाठी, डॉ. विनोद यादव, बरखा सिंह, सतीश कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे। अंत में संयोजक गति सिंह ने आभार जताया। कार्यक्रम में 18 अक्टूबर को फतेहाबाद रोड स्थित सेल्फी प्वाइंट पर होने वाली भव्य "धरा चेतना डांडिया नाइट" के पोस्टर का विमोचन भी किया गया।
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