हिंदू महासभा की जीत, तिरंगा अपमान मामले में सिकंदरा थाने में एफआईआर दर्ज, मीरा राठौर की आत्मदाह की चेतावनी पर झुका प्रशासन
आगरा, 03 सितम्बर। अखिल भारत हिंदू महासभा को बड़ी जीत मिली है। कूड़े के ढेर में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा और भगवा झंडे फेंके जाने के मामले में सिकंदरा थाने में पुलिस ने आखिरकार प्राथमिकी दर्ज कर ली है। यह कार्रवाई जिलाध्यक्ष मीरा राठौर और कार्यकर्ताओं के लगातार संघर्ष और आत्मदाह की चेतावनी के बाद हुई है।
बताया गया कि 13 अगस्त, 2026 को हिंदू महासभा के कार्यकर्ता विशाल कुमार को कूड़े के ढेर में दर्जनों राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा और भगवा झंडे पड़े मिले थे। इससे कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया था। तत्काल सभी कार्यकर्ता थाने पहुंचे और अज्ञात के खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया था। कई बार ज्ञापन दिए गए और प्रदर्शन की नौबत भी आई, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया था।
जन्माष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मथुरा आगमन को देखते हुए हिंदू महासभा की जिला अध्यक्ष मीरा राठौर ने प्रशासन को चेतावनी दी थी। उन्होंने ऐलान किया था कि जन्माष्टमी के दिन सुबह 10 बजे जब मुख्यमंत्री बांके बिहारी की पूजा करेंगे, उसी समय वह श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर आत्मदाह करेंगी।
इस चेतावनी के बाद आगरा प्रशासन में हड़कंप था। पुलिस ने मीरा राठौर, निशा ठाकुर, विशाल कुमार, अवतार सिंह गिल, नंदू भाई और मनीष पंडित के घरों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की, लेकिन मीरा राठौर अपने फैसले पर अड़ी रहीं।
मीरा राठौर द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, प्रशासन के आला अधिकारियों की गहन मंत्रणा के बाद बुधवार शाम सिकंदरा थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
हालांकि हिंदू महासभा ने इस एफआईआर पर भी सवाल उठाए हैं। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने अपने दबाव में आकर एफआईआर तो दर्ज की, लेकिन टाटा 407 गाड़ी से अज्ञात व्यक्तियों द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फेंकने का वीडियो वायरल होने और सबूत देने के बावजूद आरोपियों को बचाया जा रहा है।
हिंदू महासभा ने ऐलान किया कि वह पुलिस की इस एफआईआर के खिलाफ माननीय न्यायालय की शरण में जाएगी और दोषियों पर राष्ट्र अपमान की सख्त धाराओं में कार्रवाई की मांग करेगी।
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