...तो लग जाती 81 लाख रुपये की चपत, साइबर अरेस्ट आगरा के बुजुर्ग को केनरा बैंक अधिकारियों की सतर्कता ने बचाया
आगरा, 08 सितंबर। साइबर ठगों ने एक वरिष्ठ नागरिक को 'साइबर अरेस्ट' के जाल में फंसा कर 81 लाख रुपये ठगने की कोशिश की, लेकिन बैंक अधिकारियों की सूझबूझ से उनकी जीवनभर की जमा पूंजी बच गई।
घटना मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे की है। आवास विकास कॉलोनी निवासी एक सेवानिवृत्त बुजुर्ग केनरा बैंक की क्षेत्र में ही स्थित एक शाखा में 81 लाख रुपये की RTGS कराने पहुंचे। यह राशि एक दिन पहले उनके नाम की एफडी तुड़वाने के बाद खाते में आई थी। बड़ी राशि देख स्टाफ ने उन्हें शाखा प्रबंधक के पास भेजा।
प्रबंधक रवि कुमार यादव ने पूछा तो बुजुर्ग ने कहा कि वह यह राशि बेटे की प्रॉपर्टी खरीदने के लिए भेज रहे हैं। बेटे का नंबर मांगा तो बोले याद नहीं, घर पर है। लाभार्थी की जानकारी मांगी तो वह भी घर पर होने की बात कही। बातचीत में पता चला वह पत्नी के साथ घर पर अकेले रहते हैं।
शक होने पर शाखा प्रबंधक ने बिना बताए खाते का स्टेटमेंट देखा तो लेनदेन पैटर्न असामान्य लगा। यह राशि भी वह केरल के किसी खाते में भेजने की बात कर रहे थे। अधिक जानकारी के लिए एक महिला अधिकारी को उनके घर भेजा गया। अधिकारी को घर में अंदर नहीं आने दिया गया और सहयोग नहीं मिला। इसी दौरान घर से आए एक अन्य असामान्य संकेत से शक और गहरा हो गया।
शाखा प्रबंधक रवि यादव ने बुजुर्ग से घर चलकर दस्तावेज सत्यापन की बात कही। बुजुर्ग राजी हुए और बोले, "मैं अपनी गाड़ी से चलता हूं, आप पीछे आइए।" लेकिन वह घर नहीं पहुंचे। प्रबंधक और दो अधिकारी उनके घर पहुंचे और परिवार से बात कराने को कहा।
घर से उनकी पुत्रवधू बाहर आईं, जो पेशे से अधिवक्ता हैं। उन्होंने पहले बिना अपॉइंटमेंट आने पर सवाल उठाया। प्रबंधक ने लेनदेन की जानकारी दी और मिलने को कहा। करीब एक घंटे बाद पुत्रवधू शाखा आईं और कहा, "आपकी सतर्कता ने मेरे ससुर की जीवनभर की बचत बचा ली।" पुष्टि हुई कि बुजुर्ग साइबर अरेस्ट ठगी के जाल में फंसे थे और परिवार को जानकारी नहीं थी। ठगों ने बुरी तरह डरा धमका रखा था।
बैंक प्रबंधक ने बताया कि बुजुर्ग लगातार लेनदेन की जिद पर थे और कह रहे थे यह मेरा पैसा है। स्थिति कठिन थी, लेकिन सतर्कता से ठगी टल गई।
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