आगरा में करोड़ों की चांदी पकड़ी, 250 किलो खेप में बिल-फर्जीवाड़े का खेल, गुजरात के बिल पर आगरा में डिलीवरी, एसजीएसटी ने टोल पर दबोचा
आगरा, 04 सितंबर। गुजरात के बिल और आगरा में डिलीवरी के खेल के बीच करोड़ों रुपये की चांदी की बड़ी खेप पकड़े जाने की खबर से सर्राफा बाजार में हड़कंप है। टोल प्लाजा पर एसजीएसटी विभाग की टीम ने एक वाहन को रोककर चेक किया तो उसमें भारी मात्रा में चांदी लदी मिली। प्रारंभिक जांच में बिल में दिखाई गई मात्रा और गाड़ी में मौजूद असली माल में बड़ा अंतर मिला है।
250 किलो चांदी आगरा लाई जा रही थी
विभागीय सूत्रों के अनुसार, वाहन में करीब 250 किलो चांदी आगरा लाई जा रही थी। जांच में सामने आया है कि कागजों पर चांदी की मात्रा कम दिखाई गई थी, जबकि मौके पर वाहन में कहीं ज्यादा माल मिला। बिल में कम माल दिखाकर टैक्स चोरी की आशंका जताई जा रही है।
गुजरात का बिल, आगरा में डिलीवरी
मामले का सबसे पेचीदा पहलू यह है कि चांदी से जुड़े सभी बिल गुजरात के एक फर्म के नाम पर बनाए गए थे, लेकिन खेप की अंतिम डिलीवरी आगरा में होनी थी। इसी बिंदु पर एसजीएसटी की जांच टिक गई है। अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि माल का वास्तविक भेजने वाला कौन है, असली मालिक कौन है और आगरा में यह खेप किस बड़े कारोबारी को पहुंचाई जानी थी।
नामचीन कारोबारी से जुड़े तार?
सर्राफा बाजार में चर्चा तेज है कि यह खेप आगरा के एक नामी चांदी कारोबारी से जुड़ी है। हालांकि एसजीएसटी विभाग ने अभी तक किसी भी कारोबारी का नाम आधिकारिक तौर पर उजागर नहीं किया है। अधिकारियों का कहना है कि ई-वे बिल, जीएसटी दस्तावेज और अन्य कारोबारी रिकॉर्ड की गहनता से जांच की जा रही है।
विभाग अब चांदी की वास्तविक कीमत, खरीद-बिक्री के दस्तावेज और परिवहन की पूरी चेन खंगाल रहा है। आशंका है कि जीएसटी देनदारी कम दिखाने के लिए बिलों में हेरफेर किया गया। बाजार की नजरें अब एसजीएसटी की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगा कि करोड़ों की इस चांदी का असली मालिक कौन है और गुजरात के बिल के पीछे का पूरा खेल क्या है।
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