वर्नाकुलर विजडम की ताकत समझेगी दुनिया, आगरा में शुरू हुआ 23वां आर्कएशिया फोरम
आगरा, 07 सितंबर। हमारी आर्किटेक्चर धरोहर को विदेशी आर्किटेक्ट्स के सामने शोकेस करने का यह महत्वपूर्ण अवसर है। हमारी वर्नाकुलर विजडम की ताकत को दुनिया समझेगी। पूरी दुनिया को यह जानना होगा कि आर्किटेक्चर के क्षेत्र में भी हम सशक्त हैं, सस्टेनेबल हैं और विश्व गुरु हैं। भारत की पुरातात्विक बुद्धिमत्ता और ऐतिहासिक वास्तु-विरासत को आधुनिक डिजाइन में शामिल करना आज दुनिया की जरूरत है।
द इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स के तत्वावधान में फतेहाबाद रोड स्थित एक होटल में मंगलवार से शुरू हुए पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय आयोजन 23वें आर्कएशिया फोरम में कन्वीनर आर्किटेक्ट तुषार सोगानी (जयपुर) ने थीम 'ब्रिंगिंग बैक वर्नाकुलर विजडम' पर पत्रकारों से चर्चा में यह बात कही।
उन्होंने बताया कि आगरा, जयपुर और दिल्ली के स्वर्णिम त्रिकोण में हो रहे इस ऐतिहासिक आयोजन में 24 एशियाई देशों के 600 से अधिक प्रतिनिधि आगरा में कमेटी और काउंसिल मीटिंग्स में भाग ले रहे हैं, जबकि जयपुर में 11-12 सितंबर को ओपन फोरम में ढाई हजार से अधिक आर्किटेक्ट्स जुटेंगे।
आर्कएशिया के प्रेसिडेंट बूजियांग (चीन) ने कहा कि विज्ञान ने प्रगति की है, नई तकनीक आई है, फिर भी विरासत से सीखने की जरूरत है ताकि भवन निर्माण की चुनौतियों का बेहतर सामना किया जा सके। यह फोरम एशियाई वास्तुविदों के लिए तकनीकी साझेदारी और भारत की विरासत से सीखने का स्वर्णिम अवसर है।
आईआईए के नेशनल प्रेसिडेंट विलास अवचत (मुंबई) ने बताया कि पहले दिन विभिन्न देशों के आर्किटेक्ट्स ने ताजमहल देखा तो उसकी वास्तुकला पर फिदा हो गए। आईआईए से 35 हजार आर्किटेक्ट्स जुड़े हैं।
आईआईए आगरा सेंटर के अध्यक्ष समीर गुप्ता विभव ने कहा इस विमर्श के लिए आगरा से बेहतर जगह नहीं, यहां ताजमहल, आगरा किला और फतेहपुर सीकरी जैसे तीन यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज हैं। आज की इमारतें 2-3 साल में बीमार होकर लीक करने लगती हैं, जबकि 400-500 साल पुरानी इमारतों में सीलन तक नहीं है।
पहले दिन पांच सभागारों में यंग आर्किटेक्ट्स, सस्टेनेबल आर्किटेक्चर, एजुकेशन, सामाजिक उत्तरदायित्व और प्रोफेशनल प्रैक्टिस पर दिनभर मीटिंग चली। यूपी चैप्टर अध्यक्ष संदीप सारस्वत मौजूद रहे।
फोरम में मिट्टी, पत्थर, बांस, चूना, आंगन से समुदाय तक, गर्मी-हवा-छाया और डिजाइन शिक्षा जैसे विषयों पर चर्चा होगी। प्रमुख आकर्षण जापान के प्रित्जकर विजेता आर्किटेक्ट रिकेन यामामोटो का सत्र 'वर्नाकुलर एज ए सिस्टम, नॉट ए स्टाइल' होगा।
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