मोशन एकेडमी को लौटाने पड़े 44 हजार रुपये, जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की पहल

आगरा, 26 सितम्बर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग- प्रथम ने कोचिंग फीस वापसी से जुड़े एक मामले का आपसी समझौते के आधार पर निस्तारण कर दिया।  शुरू में इनकार कर रही मोशन अकादमी को छात्र के परिजनों को 44 हजार रुपये लौटाने पड़े।
परिवादिनी ललिता भिन्दिया ने अपने नाबालिग पुत्र सिद्धार्थ धवल की मेडिकल नीट प्रवेश परीक्षा की कोचिंग के लिए मोशन एकेडमी (ताजनगरी शाखा, आगरा) में 12 अप्रैल 2026 को 50,000 रुपये की फीस जमा की थी। शिकायत के अनुसार, पढ़ाई समझ में न आने के कारण प्रवेश के मात्र छह दिन बाद ही (19 अप्रैल 2026) परिवादिनी ने अपने पुत्र का एडमिशन रद्द करवाकर 45,000 रुपये रिफंड करने का प्रार्थना पत्र दिया था।
मोशन एकेडमी प्रबंधन द्वारा शुरुआत में 45 दिन की रिफंड पॉलिसी का हवाला दिया गया, लेकिन बाद में फीस लौटाने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया गया। इस सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार के खिलाफ परिवादिनी ने उपभोक्ता आयोग में परिवाद (संख्या- 140/2026) दायर किया था। 
 
17 जुलाई, 2026 को मामले की प्रारंभिक सुनवाई करते हुए आयोग के अध्यक्ष सर्वेश कुमार और सदस्य राजीव सिंह ने इसे प्रथम दृष्टया सेवा में कमी का मामला माना और मोशन एकेडमी के मैनेजिंग डायरेक्टर व मैनेजर को नोटिस जारी किया था।
आयोग की सख्ती के बाद 18 सितंबर, 2026 को दोनों पक्षों के बीच आयोग के बाहर 44,000/- रुपये की राशि पर आपसी सुलह हो गई।
प्रतिपक्षी मोशन एकेडमी की ओर से 15 सितंबर 2026 की तिथि वाला 44,000/- रुपये का एचडीएफसी बैंक का डिमांड ड्राफ्ट आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
आयोग ने सन्धि पत्र (समझौते) को स्वीकार करते हुए परिवाद को निस्तारित कर दिया इसके बाद आयोग के खाते में धनराशि आने के बाद 44,000/- रुपये का एकाउंट पेयी चेक परिवादिनी ललिता भिन्दिया को अध्यक्ष सर्वेश कुमार और सदस्य राजीव सिंह द्वारा प्रदान किया गया।
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