एक्सप्रेस वे हो या शहर की सड़कें, कोई सुरक्षित नहीं!रोज हो रहे गड्ढे, कर्मयोगी में फिर धंसी सड़क, आलमगंज, खिड़की काले खां, एमजी रोड, शास्त्रीपुरम भी अछूते नहीं
आगरा, 07 अगस्त। भारतीय जनता पार्टी के शासन में एक्सप्रेस वे से लेकर शहर की विभिन्न सड़कों पर आए दिन हो रहे जानलेवा गड्ढे इन दिनों सुर्खियां बने हुए हैं। एक ओर एक्सप्रेस वे पर गड्ढों को लेकर आगरा की निर्माण कम्पनी पीएनसी पर सवाल उठ रहे हैं तो दूसरी ओर शहर आए दिन हो रहे गड्ढे नगर निगम पर प्रश्नचिन्ह लगा रहे हैं। बरसात के मौसम में एक्सप्रेस वे हो या शहर की सड़कें, कहीं भी चलना खतरे से खाली नहीं है।
शुक्रवार की सुबह कमलानगर में कर्मयोगी एन्क्लेव में सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया। कमलानगर में एक महीने के भीतर सड़क धंसने की दूसरी घटना है। यही नहीं, एक दिन पहले आलमगंज-लोहामंडी रोड तीन सौ मीटर के हिस्से में दो जगहों पर धंस गई थी। शास्त्रीपुरम गोल चक्कर चौराहे के निकट भी दूसरी बार रोड धंस चुकी है। विगत बुधवार को खंदारी मास्टर प्लान रोड और मोती कटरा के निकट खिड़की काले खां सहित चार स्थानों पर रोड धंस गई थीं। इससे पहले एमजी रोड पर भी सड़क धंसने से गड्ढा हो गया था।
कमला नगर में कर्मयोगी एनक्लेव चौराहे के पास सड़क धंसने से विशाल गड्ढा बनने के दौरान गनीमत रही कि हादसे के वक्त वहां से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था। सुबह छह बजे करीब हुए इस गड्ढे का आकार 20 फीट गहरा और 10 फीट चौड़ा बताया गया। इसी रास्ते से रोजाना 20 से 25 स्कूली वाहन गुजरते हैं। मौके पर पहुंचे सपा नेता नितिन कोहली ने गड्ढे में उतरकर उसकी गहराई दिखाते हुए प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि वह ‘पाताल लोक’ में जाकर स्मार्ट सिटी का विकास तलाश रहे हैं, लेकिन यहां भी विकास नजर नहीं आ रहा। जहां यह सड़क धंसी, उससे करीब 10 मीटर की दूरी पर एक महीने पहले सड़क धंसकर गड्ढा हो गया था।
आगरा की पीएनसी कम्पनी पर बड़ा प्रश्नचिन्ह
आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे के 56 किमी हिस्से के निर्माण की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठे हैं। वर्ष 2016 में लोकार्पण के दो साल के भीतर एक्सप्रेस वे आठ बार धंसा। करीब 302 किमी लंबे इस एक्सप्रेस वे को पांच कंपनियों ने बनाया था। इसमें आगरा से फिरोजाबाद के 56 किमी हिस्से को आगरा की पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड द्वारा बनाया गया था। एक्सप्रेस वे के धंसने की जांच रेल इंडिया तकनीकी एवं आर्थिक सेवा (राइट्स) ने की थी। राइट्स की रिपोर्ट ने पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड के कार्यों की पोल खोल दी थी लेकिन यह सुझाव आज तक फाइलों में कैद होकर रह गए हैं।
कुछ यही स्थिति न्यू दक्षिणी बाईपास की है। वर्ष 2016 में न्यू दक्षिणी बाईपास का निर्माण पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड ने किया था। एक्सप्रेस वे और बाईपास को लेकर कई शिकायतें हुई थीं, लेकिन यूपीडा या फिर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने ठोस कार्रवाई नहीं की।
_________________________________________
.gif)
Post a Comment
0 Comments