पाँच दशक से राम नाम का अमृत बाँट रहे आगरा के योगेश चंद्र शर्मा 'योगी' को मिला 'रामायणी सम्मान'

आगरा, 21 अगस्त। रामायण रिसर्च काउंसिल के तत्वावधान में गोस्वामी तुलसीदास की जयंती के अवसर पर देश भर से चयनित 28 विभूतियों को बनारस हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में ‘रामायणी सम्मान’ से सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वालों में भजन सम्राट अनूप जलोटा और अन्य विभूतियों के साथ पाँच दशक से देश भर में सुंदरकांड का सुमधुर गायन कर राम नाम और राम भक्ति रस को जन जन तक पहुँचाने वाले आगरा के 81 वर्षीय कवि-साहित्यकार योगेश चंद्र शर्मा 'योगी' भी शामिल रहे। 
स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया से सेवानिवृत्त लॉयर्स कॉलोनी निवासी पं. योगेश चंद्र शर्मा 'योगी' की राम नाम सेवा सराहनीय रही है। विगत पाँच दशक से वे सुंदरकांड का समुधुर और हृदय स्पर्शी गायन कर रहे हैं। रामचरितमानस के विविध प्रसंगों पर आधारित अपनी अनूठी रचनाओं से आप राम भक्ति का रस जन-जन तक निरंतर पहुंचा रहे हैं। आपके द्वारा रचित काव्य-ग्रंथों:- श्रीराम चरितामृत और श्रीराम चरणामृत को राम रसिकों, राम कथा वाचकों, साहित्य-समीक्षकों और राम भक्तों की खासी सराहना मिल चुकी है। लोक भाषा, ब्रजभाषा और खड़ी बोली हिंदी में आपका अधिकार और आपका लेखन सराहनीय है।
इन विशिष्ट जनों को मिला 
‘रामायणी सम्मान’
अनूप जलोटा (भजन सम्राट), अनुराधा पौडवाल (मुंबई), आर.के. सिन्हा (बिहार), किशोर कुणाल (पटना, मरणोपरांत), डॉ. अर्चना प्रकाश (लखनऊ), भगवान दास (नई दिल्ली), डॉ. उदय प्रताप सिंह (वाराणसी), डॉ. अवधी हरि (लखनऊ), योगेश्वर प्रसाद देवरानी (नैनीताल), आदित्य जैन (नीमच, मध्य प्रदेश), अभय माणके (इंदौर), संत हरिओम (हाथरस), नरेंद्रनाथ गगन (बिहार), योगेश चंद्र शर्मा योगी (आगरा), संजीव कुमार (बिहार), डॉ. आशा ओझा (बिहार), मद्गुल्ला प्रफुल्ला (आंध्र प्रदेश), विनोद कुमार तिवारी (झारखंड), डॉ. चंद्र प्रभा मदान (हरियाणा), आचार्य संतोष पांडेय (राजस्थान), अजय याग्निक (दिल्ली), विंध्याचल मणि त्रिपाठी (उत्तर प्रदेश), राजराधे कृष्ण शर्मा (महाराष्ट्र), प्रेम प्रकाश दुबे (महाराष्ट्र), त्रिलोकी नाथ पांडेय (उत्तर प्रदेश), रामभनी विवेदी (उत्तर प्रदेश), डॉ. रविशंकर पांडेय (उत्तर प्रदेश) एवं रेखा मेहरा (नई दिल्ली)।
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