आगरा, 21 अगस्त। नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स की शुक्रवार की सायं हुई कार्यकारिणी की बैठक में दो-तीन संशोधनों में सुधार के साथ संविधान संशोधन समिति की सिफारिशों को आगे बढ़ाना तय कर लिया गया। 
सूत्रों के अनुसार, कोर कमेटी के पूर्व अध्यक्षों पर नियंत्रण वाले प्रस्ताव पर संविधान संशोधन समिति को कदम पीछे खींचने पड़े। तय किया गया कि केवल कोई भी वर्तमान अध्यक्ष यदि पुनः अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने का इच्छुक होगा तो उसे कोर कमेटी की सहमति लेनी होगी। पूर्व अध्यक्षों के पुनः चुनाव लड़ने पर इस सहमति की जरूरत नहीं होगी।
बताया गया है कि इसके अलावा वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाए जाने के प्रस्ताव को भी ठंडे बस्ते में डालने की सहमति बन गई। सिफारिश की गई कि अध्यक्ष पद पर भविष्य में चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी के लिए पहले कोषाध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर कार्य करना अनिवार्य हो।
समिति के अन्य प्रस्तावों पर कमोवेश सहमति बनती नजर आई। माना जा रहा है कि संविधान संशोधन समिति शीघ्र अपनी अंतिम सिफारिशों को चैंबर को सौंप देगी। चैंबर आम सभा बुलाकर सभी सिफारिशों को पारित कराने का प्रयास करेगा। 
इस बीच चैंबर से जुड़े एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों ने "न्यूज नजरिया" से उन्हें कार्यकारिणी की बैठक में न बुलाए जाने की शिकायत की। उनका कहना था कि संविधान संशोधनों से उनके वर्ग को भी फर्क पड़ेगा, इसलिए उन्हें कार्यकारिणी की बैठक से दूर किया जाना ठीक नहीं है। जब कॉप्टेड सदस्यों को बुलाया तो हमें भी बुलाया जाना चाहिए था। 
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