उपभोक्ता आयोग ने मोटोरोला मोबाइल कंपनी और डीलर पर लगाया जुर्माना, मुआवजा भी देने के आदेश

आगरा, 05 जुलाई। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग- प्रथम के अध्यक्ष सर्वेश कुमार और सदस्य राजीव सिंह ने मोबाइल फोन निर्माता कंपनी मोटोरोला, उसके अधिकृत सर्विस सेंटर और डीलर के खिलाफ फैसला सुनाते हुए जुर्माना, वारंटी में फोन ठीक न करने पर मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। आयोग ने वारंटी अवधि में मोबाइल फोन खराब होने और उसे ठीक करने के एवज में मनमाना शुल्क मांगने को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार माना है।
विवरण के अनुसार, परिवादी हितेन्द्र सिंह वर्तमान में दीवानी न्यायालय में विशेष सुरक्षा बल में तैनात हैं, उन्होंने 24 मई, 2025 को रिद्धि मोबाइल प्वाइंट, आगरा से मोटोरोला का मोबाइल फोन 21,400 रुपये में खरीदा था। इस फोन पर निर्माता कंपनी द्वारा एक वर्ष की वारंटी दी गई थी। खरीदने के कुछ दिन बाद ही फोन में खराबी आने लगी। जब परिवादी ने मैसर्स शारदा इन्टरप्राइजेज स्थित सर्विस सेंटर पर फोन दिखाया, तो उनसे जांच के लिए 236 रुपये लिए गए और फोन सही करने के लिए 22,331/- रुपये का एस्टीमेट थमा दिया गया। इसके बाद 20 अगस्त, 2025 को फोन पूरी तरह बंद हो गया। वारंटी होने के बावजूद सर्विस सेंटर ने फोन मुफ्त में ठीक करने से मना कर दिया। आयोग ने पाया कि 21,400 रुपये के मोबाइल फोन को वारंटी में ठीक करने के लिए 22,331 रुपये की मांग करना पूरी तरह से अवैध और वारंटी शर्तों के खिलाफ है।
प्रतिपक्षीगण की ओर से नोटिस मिलने के बावजूद कोई उपस्थित नहीं हुआ, जिसके बाद आयोग ने 20 जनवरी 2026 को एकपक्षीय सुनवाई करते हुए अपना फैसला सुनाया। प्रतिपक्षीगण (मोटोरोला मोबीलिटी इण्डिया, शारदा इन्टरप्राइजेज और रिद्धि मोबाइल प्वाइंट) को आदेशित किया गया है कि वे संयुक्त और पृथक रूप से मोबाइल का मूल्य 21,400 रुपये वापस करें। इस राशि पर फोन खरीदने की तारीख 24 मई, 2025 से भुगतान की वास्तविक तिथि तक छह प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज भी देना होगा। परिवादी को मानसिक पीड़ा और क्षतिपूर्ति के रूप में 10,000 रुपये तथा वाद व्यय के रूप में 5,000 रुपये का अलग से भुगतान करना होगा। यह सारी धनराशि निर्णय की तिथि (30 जून, 2026) से 45 दिन के भीतर आयोग के खाते में डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से जमा करनी होगी। यदि 45 दिन के भीतर भुगतान करने में चूक होती है, तो परिवादी को छह प्रतिशत के स्थान पर नौ प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज प्राप्त करने का अधिकार होगा।
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