प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्री का अतिरिक्त प्रभार, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार की घोषणा
नई दिल्ली, 25 जुलाई। धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पद छोड़ने के बाद शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी प्रह्लाद जोशी को सौंप दी गई है। उनके पास पहले से ही उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का कार्यभार है।
शनिवार को चले घटनाक्रम के बाद राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर जोशी को मौजूदा मंत्रालय के साथ शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार देने को मंजूरी दी। प्रह्लाद जोशी के पास पहले से मौजूद मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी बनी रहेगी। फिलहाल वह अपने मौजूदा कामकाज के साथ शिक्षा मंत्रालय का काम भी संभालेंगे।
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया गया। इसके बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई। यह फैसला ऐसे समय में हुआ है, जब नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर शुरू हुआ छात्र आंदोलन लगातार चर्चा में था।
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 03 मई 2026 को हुई थी, जब नीट-यूजी परीक्षा के बाद पेपर लीक और धांधली के आरोप सामने आए। छात्रों ने परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। धीरे-धीरे यह मामला सोशल मीडिया से निकलकर बड़े छात्र आंदोलन में बदल गया। इसी बीच 15 मई को एक सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की एक टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया। उन्होंने कुछ लोगों के लिए 'कॉकरोच' शब्द का इस्तेमाल किया था। बाद में उन्होंने साफ किया कि उनकी टिप्पणी आम युवाओं के लिए नहीं थी, बल्कि फर्जी डिग्री के सहारे पेशे में आने वाले लोगों के संदर्भ में थी।
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