कमलानगर में पांच भवनों पर सील लगाई गई, सुल्तानगंज पुलिया पर अस्पताल भी सील
आगरा, 29 जुलाई। आवास एवं विकास परिषद ने अवैध निर्माणों के खिलाफ अपना अभियान जारी रखते हुए कमला नगर में पांच भवनों को सील कर दिया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, संबंधित भवन स्वामियों को पहले कई बार नोटिस जारी कर स्वीकृत मानचित्र, आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने तथा नियमानुसार शमन (रेगुलराइजेशन) की प्रक्रिया पूरी करने का अवसर दिया गया था। निर्धारित समय में आवश्यक कार्रवाई नहीं किए जाने और नोटिसों की अनदेखी के बाद परिषद ने नियमों के तहत सीलिंग की कार्रवाई की। सील किए गए भवनों में बी-507 (मनीष बंसल), बी-582 (सीता देवी), बी-608 (उमेश गोयल), डी-82 (पंकज जैन) और ई-725 (नीतू गुप्ता) की संपत्तियां शामिल हैं।
प्रवर्तन दल अधिकारी कर्नल जी.एम. ख़ान और अधीक्षण अभियंता पंकज कुमार पाल ने मीडिया से कहा कि परिषद की योजनाओं में अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने अपील की कि संबंधित व्यक्ति समय रहते परिषद कार्यालय में उपस्थित होकर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करें और नियमानुसार शमन की प्रक्रिया पूरी कराएं।
सीलिंग अभियान के दौरान परिषद की ओर से सहायक अभियंता योगेश कुमार, अवर अभियंता प्रशांत कुमार, मानचित्रक सुरेंद्र तथा कमला नगर चौकी पुलिस की टीम मौजूद रही।
हेल्पिंग इंडिया ट्रॉमा सेंटर पर लगाई सील
गौरतलब है कि इससे पूर्व मंगलवार को आवास एवं विकास परिषद और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय की संयुक्त टीम ने सुल्तानगंज की पुलिया के पास संचालित एक निजी अस्पताल को सील कर दिया था। अधिकारियों के अनुसार, हेल्पिंग इंडिया ट्रॉमा सेंटर आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत भवन में संचालित किया जा रहा था। भवन के व्यावसायिक उपयोग को लेकर संबंधित पक्ष को पहले भी कई नोटिस जारी किए गए थे। निर्धारित नियमों का पालन नहीं होने पर संयुक्त टीम ने भवन को सील करने की कार्रवाई की।
सीएमओ कार्यालय की टीम ने अस्पताल में आवश्यक अनुमति के बिना आईसीयू संचालित होने की बात सामने आने का दावा किया। मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अस्पताल में भर्ती चारों मरीजों को उनकी सहमति से एंबुलेंस के माध्यम से अन्य अस्पतालों में स्थानांतरित कराया गया। इसके बाद अस्पताल खाली होने पर भवन को विधिवत सील कर दिया गया।
अस्पताल के संचालक डॉ. विजय सिंघल ने बताया कि उन्होंने यह भवन उसके स्वामी अरुण सौंधी से किराये पर लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल से जुड़ा मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
_________________________________________
.gif)
Post a Comment
0 Comments