27 साल बाद पकड़ा गया दो पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोपी और 50 हजार का इनामी भूरा, परिजनों ने दिया था मृत

आगरा, 18 जुलाई। कमिश्नरेट पुलिस ने 27 साल पुराने खेरागढ़ पुलिस हमला और दो पुलिसकर्मियों की हत्या के बहुचर्चित मामले के मुख्य आरोपी और ₹50 हजार के इनामी बदमाश भूरा पुत्र साबू को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी इतने वर्षों तक पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए अपनी पहचान बदलकर जमील पुत्र फारूक खान के नाम से रह रहा था। उसके परिजनों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए उसकी मौत की अफवाह तक फैला दी थी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 1999 में खेरागढ़ क्षेत्र में लूट की एक बड़ी वारदात के दौरान बदमाशों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस हमले में पुलिसकर्मी कमल सिंह और चरण सिंह शहीद हो गए थे, जबकि कई अन्य पुलिसकर्मी घायल हुए थे। वारदात के दौरान बदमाश पुलिस की तीन सरकारी राइफलें भी लूटकर फरार हो गए थे।
घटना के बाद पुलिस ने मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन मुख्य आरोपी भूरा लगातार फरार चल रहा था। समय के साथ उसने अपनी पहचान बदल ली और मध्य प्रदेश के भोपाल में नई जिंदगी शुरू कर दी। पुलिस को भ्रमित करने के लिए उसके परिवार ने यह प्रचारित कर दिया था कि भूरा की मौत हो चुकी है।
डीसीपी पश्चिम आदित्य कुमार ने बताया कि एसीपी खेरागढ़, थाना पुलिस, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) और सर्विलांस टीम पिछले कई महीनों से आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। तकनीकी साक्ष्यों और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर पुलिस टीम भोपाल पहुंची और वहां से भूरा को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में पता चला कि भूरा वर्षों से जमील पुत्र फारूक खान के नाम से रह रहा था। पुलिस अब उसे रिमांड पर लेकर फरारी के दौरान उसकी गतिविधियों, उसके संपर्कों और वारदात के समय लूटी गई सरकारी राइफलों के बारे में पूछताछ करेगी। पुलिस के अनुसार, तीन में से एक सरकारी राइफल अब भी बरामद नहीं हो सकी है, जिसकी तलाश जारी है।
करीब तीन दशक पुराने इस मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी को आगरा पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। 
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